अमेरिका में 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प को हार का सामना करना पड़ा। अब डेमोक्रेट पार्टी के जो बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति होंगे। हालांकि, अब सवाल उठ रहा है कि ट्रम्प का आगे क्या होगा? दरअसल, अब खबरें आ रही हैं कि रिपब्लिकन पार्टी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भी ट्रम्प को उम्मीदवार बना सकती है।

वॉशिंगटन. अमेरिका में 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प को हार का सामना करना पड़ा। अब डेमोक्रेट पार्टी के जो बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति होंगे। हालांकि, अब सवाल उठ रहा है कि ट्रम्प का आगे क्या होगा? दरअसल, अब खबरें आ रही हैं कि रिपब्लिकन पार्टी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भी ट्रम्प को उम्मीदवार बना सकती है। इसकी वजह साफ है कि पार्टी के पास ट्रम्प से ज्यादा ताकतवर और लोकप्रिय नेता नहीं है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

 ट्रम्प 2024 तक 78 साल के हो चुके होंगे। इतनी उम्र ही जो बाइडेन की है। अमेरिकी मीडिया में हाल ही कुछ रिपोर्ट्स छापी गई हैं, इनमें कहा गया है कि ट्रम्प ने अपने करीबियों को साफ कर दिया है कि वे 2024 में भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे। 

पार्टी पर पकड़ मजबूत कर रहे ट्रम्प
रिपब्लिकन पार्टी को जीओपी यानी ग्रांड ओल्ड पार्टी भी कहा जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प पार्टी पर पकड़ मजबूत कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने नेशनल कमेटी में अपनी कट्टर समर्थक रोना मैक्डेनियल को अपॉइंट किया। यही कमेटी सबसे आखिर में पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाती है।

ट्रम्प के मुकाबले नहीं है कोई दूसरा नेता
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी के पास अगले चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प नहीं हैं। इतना ही नहीं, पार्टी के पास जो नेता हैं, वे ट्रम्प जितने लोकप्रिय नहीं है। इसके अलावा ट्रम्प ने इस चुनाव में बाइडेन को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, ट्रम्प का पार्टी में काफी विरोध भी है। लेकिन उन्हें भी ट्रम्प की लोकप्रियता का पता है। 

पार्टी के पास हैं ये विकल्प
 रिपब्लिकन पार्टी के पास माइक पेन्स, सीनेटर टॉम कॉटन, मिसौरी सीनेटर जोश हॉवले, यूएन में एम्बेसेडर रहीं भारतीय मूल की निक्की हैले जैसे कुछ बड़े नाम हैं। अगर ट्रम्प मैदान में नहीं उतरे तो ये उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। अगर ट्रम्प चुनाव लड़ते हैं, तो ये सभी पीछ हट जाएंगे। पार्टी में 94 फीसदी कार्यकर्ताओं का मानना है कि ट्रम्प ने एजेंडे को बखूबी लागू किया।