6 जनवरी को कैपिटल हिल में हुई हिंसा भड़काने के दोषी पाए जा रहे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप महाभियोग से बच गए हैं। बता दें कि चुनाव हारने के बाद ट्रम्प कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे। वे लगातार सोशल मीडिया के जरिये चुनाव जीते जो बाइडेन पर आक्रामक थे। वे चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहे थे। इस बीच उनके समर्थकों ने कैपिटल हिल पर हमला कर दिया था।

वॉशिंगटन. अमेरिकी चुनाव के समय विवादों में घिरे रहे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऊपर से महाभियोग की टेंशन निकल गई। ट्रम्प 6 जनवरी को कैपिटल हिल में हुई हिंसा भड़काने के दोषी पाए जा रहे थे। उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। बता दें कि चुनाव हारने के बाद ट्रम्प कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे। वे लगातार सोशल मीडिया के जरिये चुनाव जीते जो बाइडेन पर आक्रामक थे। ट्रम्प ने चुनाव में धांधली का आरोप भी लगाया था। इस बीच उनके समर्थकों ने कैपिटल हिल पर हमला कर दिया था।

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ट्रम्प के समर्थन में आए 57 सीनेटर
 अमेरिकी सीनेट में हुई वोटिंग में ट्रम्प के समर्थक में 43 सीनेटर आए। जबकि 57 सीनेटरों ने उन्हें दोषी पाया। चूंकि ट्रम्प को महाभियोग का दोषी पाए जाने के लिए दो तिहाई सीनेटरों के वोट चाहिए थे। यानी यह 67 वोट होते हैं। लिहाजा वे दोष से बरी हो गए।

बोले ट्रम्प के वकील
कैपिटल हिल(संसद भवन) दंगों के मामले में महाभियोग चलाए जाने पर ट्रम्प के वकीलों ने कहा कि उन्होंने दंगा नहीं भड़काया। ऐसे आरोप गलत हैं। महाभियोग उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है। सीनेट की सुनवाई के चौथे दिन यानी शुक्रवार को ट्रम्प के वकीलों ब्रूस कैस्टर, डेविड शोएन और माइकल वान डेर वीर ने ट्रम्प के पक्ष में दलीलें पेश कीं। वकीलों ने कहा कि ट्रम्प के खिलाफ दंगा भड़काने के कोई ठोस सबूत नहीं है। करीब 4 घंटे चली दलीलों के बाद 100 सदस्यीय सीनेट ने महाभियोग पर वोटिंग की।

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