फ्रांस के एक गांव में एक अतिक्रूर मामला सामने आया है जहां एक पति ने 10 साल तक अपनी पत्नी को नशीला पदार्थ खिलाकर 80 से ज़्यादा पुरुषों से बलात्कार करवाया।

सामान्य, अतिक्रूर एक मामले की सुनवाई का गवाह बन रहा है फ्रांस का मसान गांव. पत्नी को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करके दूसरे पुरुषों को बुलाकर बलात्कार करवाता था पति. 10 साल के अंदर ऐसे आने-जाने वालों की संख्या 80 से ज़्यादा. सभी आम लोग, नर्स, अग्निशमन कर्मी, पत्रकार... सभी एक-दूसरे को रोज़ाना देखने वाले. शादीशुदा, पारिवारिक लोग. कुछ ही दूसरे गांव के. सब कैमरे में कैद, अपने लैपटॉप में संजोकर रखता था पति.

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नशीला पदार्थ खिला-खिलाकर पत्नी को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं, तो भी पति ने ये क्रूरता नहीं रोकी. बेहोशी में क्या हो रहा है, कुछ पता नहीं चलता था पत्नी को. सब पता चलता है जब पति के खिलाफ एक दूसरे मामले में जांच शुरू होती है और उसका लैपटॉप पुलिस जब्त करती है. ये चार साल पहले की बात है. डोमिनिक पेलिकॉट (Dominique Pelicot) नाम का वो पति अपना गुनाह कबूल कर लेता है. अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है, खुली अदालत में सुनवाई की मांग की है 72 साल की गिजेल (Gisele) ने. वीडियो वो खुद भी अदालत में बैठकर देखेंगी, ये भी बताया. लेकिन, देख पाना मुश्किल होने के कारण अदालत ने वीडियो सार्वजनिक ना दिखाने का फैसला किया.

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गिजेल की दिलेरी की तारीफ कर रहे हैं लोग, मीडिया. लेकिन, बेहोशी की हालत में ही सही, उनकी सहमति से ही सब हुआ, ये तर्क दिया वकीलों ने. फिर भी गिजेल अडिग रहीं. अदालत में वो भी आते हैं. कोई भावुकता नहीं, कोई गुस्सा नहीं. सब जानते-बूझते गिजेल का ही एक खेल था, ऐसा सोचते थे कुछ आरोपी. गिजेल सोने का नाटक कर रही हैं, ऐसा भी सोचा उन्होंने. जानबूझकर नहीं किया, एक बोला. माफ़ी मांगता हूं, दूसरा बोला. मैंने किसी को मजबूर नहीं किया, पति का कहना.

गांव की महिलाएं अब डरी हुई हैं. अपने ही परिवार के सदस्यों से भी. 80 लोगों के खिलाफ केस में 50 लोग ही पकड़े गए हैं. बाकी 30 कौन हैं, पता नहीं. ऑनलाइन ही पति ने इन सबको ढूंढा था. ये कौन लोग हैं? कहीं हम जिन्हें जानते हैं, जिनसे बात करते हैं, वो तो नहीं, यही डर है महिलाओं को. आरोपियों में से कईयों को उनके परिवार ने त्याग दिया है. आरोपियों के परिवार वाले समाज में अकेले पड़ गए हैं, हमलों का सामना कर रहे हैं. दूसरी तरफ, अतिक्रूर यौन शोषण के खिलाफ फ्रांस की ही लड़ाई का प्रतीक बन गई हैं गिजेल. लेकिन, मसान गांव अब पहले जैसा नहीं रहेगा. दोस्ती, रिश्ते, कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा.