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‘हाउडी मोदी’ से पाकिस्तान को मिलेगा करारा जवाब, खान को दिखेगा मोदी का दम

ट्रम्प ह्यूस्टन में 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में मोदी के साथ शामिल होंगे

Howdy Modi: a befitting reply to Pakistan
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Washington, First Published Sep 17, 2019, 3:53 PM IST
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वाशिंगटन. पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक ने 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शामिल होने का अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फैसला दर्शाता है कि ट्रम्प मोदी को अपना मित्र और सहयोगी मानते हैं।
अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रम्प यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि भले ही उन्होंने  प्रधानमंत्री इमरान खान की मेजबानी की हो, लेकिन वह अपना मित्र और सहयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मानते हैं।’’


पाकिस्तान पर कई लोकप्रिय पुस्तकें लिखने वाले हक्कानी (63) इस समय थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट के दक्षिण एवं मध्य एशिया विभाग के निदेशक हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि ट्रम्प ह्यूस्टन में 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में मोदी के साथ शामिल होंगे, जिसमें 50,000 भारतीय अमेरिकी भाग ले रहे हैं।
इस घोषणा के एक दिन बाद हक्कानी ने कहा, ‘‘यह उन लोगों को निश्चित ही निराश करेगा, जिनका सोचना था कि खान की वाशिंगटन की हालिया यात्रा अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में एक बड़ी प्रगति दर्शाती है।’’


मोदी और ट्रम्प की होगी ये तीसरी मुलाकात-
मोदी और ट्रम्प की यह इस साल तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों ने जापान में जून में जी20 शिखर सम्मेलन और फ्रांस में जुलाई में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी।


यूएसआईएसपीएफ ने की ट्रम्प की प्रशंसा, कहा-दोनों देशों के बीच व्यापार में हो रही है प्रगति
समारोह का आयोजन करने वाले साझेदारों में शामिल ‘अमेरिका इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) ने ट्रम्प के कार्यक्रम में भाग लेने की प्रशंसा की और कहा कि पिछले एक दशक में भारत एवं अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार अत्यंत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा है।


यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष मुकेश अग्नि ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने जो अभूतपूर्व भाव दर्शाया है, वह भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है और यह बताता है कि दोनों देश क्यूं स्वाभाविक सहयोगी हैं। अमेरिका की ऊर्जा राजधानी होने के नाते ह्यूस्टन दोनों नेताओं की मुलाकात के लिए उचित जगह है। इस साल ही भारत में अमेरिका का ऊर्जा निर्यात कुल निर्यात का करीब 75 प्रतिशत रहा है। दोनों देशों की कंपनियां  निवेश और रणनीति साझेदारी पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रही हैं। हमने पिछले एक दशक में हमारे द्विपक्षीय व्यापार में अत्यंत सकारात्मक दिशा में प्रगति देखी है।’’


सीएनबीसी न्यूज ने एक रिपोर्ट में कहा कि ‘हाउडी मोदी’ में ट्रम्प की मौजूदगी का मकसद अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूती देना है। इसका मकसद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तनावपूर्ण व्यापार वार्ता और कश्मीर मामले को लेकर सरकार की आलोचना के बीच प्रधानमंत्री के प्रति अमेरिका का समर्थन दर्शाना है। पूंजी प्रबंधन समूह ‘ब्लैकस्टोन इंडिया’ के पूर्व अध्यक्ष अखिल गुप्ता ने सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मोदी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका पाकिस्तान का खुलकर समर्थन नहीं कर रहा है।’’


इस बीच, टेक्सास के सीनेटर जॉन कोर्बिन ने कहा कि वह रविवार को ट्रम्प-मोदी रैली में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।

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