अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बुधवार (6 मार्च) को एक पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अगले 5 साल में भारत, चीन, अमेरिका और इंडोनेशिया के साथ मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बुधवार (6 मार्च) को एक पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अगले 5 साल में भारत, चीन, अमेरिका और इंडोनेशिया के साथ मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है। इस समय के दौरान दुनिया के आधे से अधिक आर्थिक विस्तार में इन चार देशों के योगदान पर निर्भर करेगा। इससे पहले बीते साल सितंबर 2023 में IMF ने कहा था कि भारत समेत दुनिया के 3 अन्य देश अगले 5 सालों में विश्व की आर्थिक वृद्धि में आधे से अधिक का योगदान देंगे, जिसके बाद IMF ने अब तीन देशों के नाम जारी किया है।

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विश्व की रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बीते सोमवार (4 मार्च) को भारत की GDP को लेकर भी पूर्वानुमान बढ़ा दिया, जो मजबूत विनिर्माण गतिविधि और बुनियादी ढांचे के खर्च के कारण देश की अर्थव्यवस्था में वैश्विक और घरेलू बढ़ोतरी को दर्शाता है। रेटिंग एजेंसी ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2024-25 में कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के 2024 का विकास अनुमान 6।1 फीसदी से बढ़ाकर 6।8 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा मूडीज ने कहा कि भारत जी-20 देशों की अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहने की संभावना है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंदी बेअसर

भारतीय अर्थव्यवस्था दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही) में 8।4 फीसदी की आश्चर्यजनक वृद्धि के साथ आगे बढ़ी, विनिर्माण, बिजली और निर्माण क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन के कारण मंदी की आशंकाओं को भी खारिज कर दिया। वहीं दूसरी तरफ चीन जैसे विकसित देश को अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अच्छी-खासी मार झेलनी पड़ी। वहां के मार्केट को कोरोना के बाद से काफी नुकसान का सामना भी करना पड़ा। वहीं हाल ही में इंग्लैंड ने घोषणा की कि वो मंदी के दौर से गुजर रहा है।

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