पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने माना है कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और लोगों की भलाई के लिए है। इमरान खान ने यह बयान तब दिया है जब उनकी कुर्सी खतरे में है।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने माना है कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और लोगों की भलाई के लिए है। इमरान खान ने यह बयान तब दिया है जब उनकी कुर्सी खतरे में है। इमरान खान अपने खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने वाले हैं। 25 मार्च को नेशनल असेंबली का सत्र बुलाया गया है।

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रविवार को इमरान खान ने खैबर पख्तूनख्वा के मलकंद इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात करता है और अमेरिका का भी सहयोगी है। भारत अपने फैसले अपने लोगों की बेहतरी के लिए लेता है। उन्होंने दावा किया कि उसकी विदेश नीति भी पाकिस्तान के लोगों के पक्ष में होगी। 

इमरान खान ने कहा कि मैं अपने पड़ोसी देश की प्रशंसा करता हूं क्योंकि उनकी हमेशा स्वतंत्र विदेश नीति रही है। आज भारत उनके (अमेरिका) गठबंधन में है और क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता) का हिस्सा है। वे कहते हैं कि तटस्थ हैं। वे प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात कर रहे हैं। क्योंकि उनकी नीति लोगों की भलाई के लिए है। इमरान ने कहा कि मैं किसी के सामने नहीं झुका और न ही अपने देश को झुकने दूंगा।

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इमरान ने विपक्ष को दी चेतावनी, कहा- वे मैच बुरी तरह हारेंगे
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रहे इमरान खान ने विपक्ष को चेतावनी दी है कि वे बुरी तरह इस मैच को हारने वाले हैं। इमरान ने कहा कि उन्हें सलाह दी गई थी कि वे समान रूप से रिश्वत दें और असंतुष्ट एमएनए को पार्टी में वापस लाएं। उन्होंने कहा कि वह रिश्वत की पेशकश करने के बजाय अपनी सरकार को खोना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मुझे जनता के पैसे का इस्तेमाल कर दलबदलू नेताओं को वापस लाने की जरूरत है तो मैं ऐसी सरकार पर लानत भेजता हूं।

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