नई दिल्ली. उप भारतीय सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सैनी शनिवार को अमेरिका के दौरे जाएंगे। सैनी का यह दौरा चार दिन का होगा। सूत्रों के मुताबिक, उनके इस दौरे में भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूती देने के मुद्दे पर चर्चा होगी। लेफ्टिनेंट जनरल सैनी अमेरिकी सेना के प्रशांत कमान और हिंद-प्रशांत कमान के सैन्य क्षेत्रों में जाएंगे।

सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उप प्रमुख सैनी अमेरिकी सेना की प्रशिक्षण और उपकरण क्षमताओं को देखेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाना है। वह अमेरिका के हवाई में हिंद-प्रशांत कमान मुख्यालय भी जाएंगे, जहां सैन्य सहयोग के विभिन्न पहलुओं और सैन्य से सैन्य संपर्क को आगे बढ़ाने, अमेरिका से खरीद, संयुक्त अभ्यास और क्षमता-निर्माण पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान सैनी अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के साथ व्यापक रूप से विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। 

2+2 संवाद से पहले उप प्रमुख का दौरा

यह दौरा भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच तय 2+2 संवाद से पहले हो रहा है। इस यात्रा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और रणनीतिक सहयोग के बढ़ने की उम्मीद है। 

अगले साल अमेरिका के साथ दो युद्धाभ्यास

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान लागू हुए लॉकडाउन और तमाम तरह की पाबंदियों के बावजूद भारत, अमेरिका के साथ दो संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भागीदारी के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है। इन संयुक्त अभ्यासों में से पहला ‘युद्ध अभ्यास’ फरवरी 2021 में होना है, जबकि दूसरा वज्र प्रहार मार्च, 2021 में आयोजित किया जाएगा।

अक्टूबर में भारत आएंगे अमेरिकी विदेश और रक्षामंत्री

2+2 संवाद के तहत 26 और 27 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भारत आएंगे। भारत की ओर से इस वार्ता की अगुवाई विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बनी सहमति के तहत पहला 2+2 संवाद सितंबर, 2018 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। वहीं, दूसरा 2+2 संवाद साल 2019 के दिसंबर महीने में वाशिंगटन में आयोजित किया गया था।