अमेरिका से 104 भारतीयों को बेड़ियां और हथकड़ी लगाकर वापस भेज दिया गया है। इस घटना पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है और अमेरिकी अधिकारी ने वीडियो जारी कर सफाई दी है।

वर्ल्ड डेस्क। 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर आया एक अमेरिकी सैन्य विमान पंजाब के अमृतसर में उतरा है। इसके बाद से अमेरिका द्वारा भारतीयों के साथ किए जा रहे सलूक को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने भारतीयों को हथकड़ियां और बेड़ियां लगाने के लिए सरकार से जवाब मांगा है।

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इस बीच यूनाइटेड स्टेट्स बॉर्डर पैट्रोल (USBP) के प्रमुख ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें दिखाया गया है कि भारतीयों नागरिकों को विमान में सवार किया जा रहा है। उनके हाथों में हथकड़ियां लगी हैं। पैरों को बेड़ियों से जकड़ा गया है। इसके साथ ही USBP ने कहा है कि अगर तुम अवैध तरीके से सीमा पार कर आओगे तो हम तुम्हें हटा देंगे।

अवैध तरीके से अमेरिका में घुसे 104 भारतीयों को लेकर आया C-17 विमान

अमेरिका में अवैध तरीके से घुसे 104 भारतीयों को लेकर सैन्य परिवहन विमान C-17 आया है। वापस भेजे गए लोगों में हरियाणा और गुजरात के 33-33, पंजाब के 30 और महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल थे। स्थानीय पुलिस ने उन्हें उनके मूल स्थानों तक पहुंचाया।

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अमेरिकी अधिकारी ने शेयर किया वीडियो

USBP चीफ माइकल डब्ल्यू बैंक्स ने एक वीडियो जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, "USBP और उसके सहयोगियों ने अवैध विदेशियों को सफलतापूर्वक भारत वापस भेजा। यह सैन्य परिवहन का इस्तेमाल कर अब तक की सबसे लंबी निर्वासन उड़ान थी। यह मिशन इमिग्रेशन लॉ को लागू करने और तुरंत निर्वासन तय करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। यदि आप अवैध रूप से सीमा पार करते हैं तो आपको हटा दिया जाएगा।"

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भारतीय नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार पर विपक्ष ने उठाए सवाल

भारत में विपक्ष ने निर्वासन प्रक्रिया के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय नागरिकों के साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर सरकार पर हमला किया है। इस मामले पर गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने संसद में हंगामा किया। केंद्र सरकार पर भारतीय नागरिकों को दुर्व्यवहार से बचाने में विफल रहने का आरोप लगाया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि हर देश का दायित्व है कि अगर उसके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले। निर्वासन की कार्रवाई अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा 2012 से लागू मानक प्रक्रियाओं के तहत की गई।