गौरतलब है कि इज़राइल ने युवती की तस्वीर के साथ न तो कोई नाम दिया और न ही कोई कैप्शन। 

तेल अवीव: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खमेनी ने महिलाओं को नाजुक फूलों जैसा बताया है। खमेनी ने कहा कि महिलाओं को घर के फूल की तरह देखभाल करनी चाहिए, न कि नौकरानी की तरह। खमेनी की यह प्रतिक्रिया 1979 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा महिला अधिकार विधेयक को अपनाए जाने के दिन यानी 18 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए पोस्ट में आई। 

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'परिवार में महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग जिम्मेदारियां होती हैं। परिवार का खर्च चलाने की जिम्मेदारी पुरुषों की होती है। लेकिन, बच्चे पैदा करने की जिम्मेदारी महिलाओं की होती है। इनमें से कोई भी किसी से ऊपर नहीं है। पुरुषों और महिलाओं के अधिकारों का आकलन इसके आधार पर नहीं किया जा सकता'। खमेनी ने एक्स पर लिखा। 

इस बीच, आयतुल्ला खमेनी के पोस्ट पर इज़राइल ने प्रतिक्रिया दी। इज़राइल ने एक युवती की तस्वीर शेयर करके अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। गौरतलब है कि काले कपड़े पहने खड़ी युवती की तस्वीर के साथ इज़राइल ने न तो कोई नाम दिया और न ही कोई कैप्शन। ईरान में पुलिस हिरासत में मारी गई 22 वर्षीय माहसा अमीनी की तस्वीर इज़राइल ने शेयर की थी। अपने भाई के साथ तेहरान जा रही माहसा अमीनी को ईरान की नैतिकता पुलिस (गश्त-ए-इरशाद) ने रोका और गिरफ्तार कर लिया था। 

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेहरान के वोजारा डिटेंशन सेंटर ले जाने से पहले अधिकारियों ने माहसा को जबरन वैन में बिठाया और पीटा। सिर सहित कई जगह चोट लगने से माहसा कोमा में चली गईं और तीन दिन बाद 16 सितंबर 2022 को उनकी मौत हो गई। इससे ईरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और आंतरिक अशांति फैल गई। इस विरोध को 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद का सबसे व्यापक विद्रोह माना गया।