म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को तख्तापलट हुआ था। इसके बाद से देश में उथलपुथल मचा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तख्तापलट के विरोध में हुए प्रदर्शनों में अब तक 1100 से अधिक लोग मारे गए हैं।

नैपीटॉ। म्यांमार (Myanmar)में राजनीतिक बंदियों पर से अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां की मिलिट्री सरकार (Military Government) ने आन सान सू की (Aung San Suu Kyi) के सहयोगी यू विन हेटिन (Yu Win Htein) को 20 साल की सजा सुनाई है। हेटिन पर देशद्रोह के केस में सजा हुई है। उनके अधिवक्ता मिंट थ्विन ने बताया कि विशेष अदालत ने धारा 124ए के तहत 20 साल की कैद की सजा सुनाई है।

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80 साल के हैं यू विन हेटिन

म्यांमार में सैन्य शासन के दौरान यू विन हेटिन को नजरबंद कर दिया गया था। 80 साल के यू विन हेटिन एक लंबे वक्त से राजनीतिक कैदी हैं। हेटिन, सू की के दाहिने हाथ माने जाते हैं। तख्तापलट के बाद से उनका मिलिट्री शासन के खिलाफ लगातार बयान आ रहा था। अपनी गिरफ्तारी से पहले हेटिन ने मिलिट्री शासन चलाने वाले शासकों की आलोचना करते हुए उनपर देश को गलत दिशा में ले जाने का आरोप लगाया था। 

पहली फरवरी को हुआ था तख्ता पलट

म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को तख्तापलट हुआ था। इसके बाद से देश में उथलपुथल मचा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तख्तापलट के विरोध में हुए प्रदर्शनों में अब तक 1100 से अधिक लोग मारे गए हैं।

सू की पर लगे हैं गंभीर आरोप, कई दशकों की हो सकती है सजा

म्यांमार की दिग्गज नेता आन सान सू की, भी जेल में हैं। उन पर मिलिट्री शासन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अवैध रूप से वॉकी टॉकी आयात करने से लेकर कोरोनोवायरस नियमों की धज्जियां उड़ाने तक के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन पर लगे आरोपों के तहत कई दशकों तक जेल में डाला जा सकता है। 

मीडिया को प्रतिबंधित किया गया सू की के मुकदमें की सुनवाई में

आन सान सू की के केस की सुनवाई राजधानी नैपीटॉ (Naypyitaw) के स्पेशल कोर्ट में हो रही है। केस की सुनवाई के दौरान मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने उनकी कानूनी टीम को मीडिया से बात करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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