वॉशिंगटन. अमेरिका की टेक जाइंट कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने नागरिकता संशोधन कानून पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कानून को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को बुरा और दुखद कहा। वेबसाइट बजफीड के एडिटर बेन स्मिथ ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

जो हो रहा है वह बुरा है 

स्मिथ ने बताया कि जब उन्होंने नडेला से सीएए पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है भारत में इस पर जो भी हो रहा है, वह बुरा है, मुझे खुशी होगी अगर कोई अप्रवासी बांग्लादेशी भारत में आकर यहां की अगली बड़ी कंपनी खोलता है या इंफोसिस जैसी कंपनी का अगला सीईओ बनता है।”

स्मिथ ने एक और ट्वीट में कहा- “नडेला ने अपनी राय मैनहैटन में माइक्रोसॉफ्ट के कार्यक्रम में एडिटर्स से बातचीत के दौरान रखी। नडेला अमेरिका में भारतीय मूल के दो बड़े टेक लीडर्स में से हैं। उनके अलावा भारत के ही सुंदर पिचई गूगल को हेड कर रहे हैं।”

ईद, दिवाली और क्रिसमस हमारे बड़े त्योहार 

सत्या नडेला मूलरूप से भारत के हैदराबाद शहर से हैं। उन्होंने स्मिथ से अपनी बहुसंस्कृति जड़ों पर भी बात की। नडेला ने कहा, “मुझे उस जगह पर गर्व है, जहां से मुझे अपनी सांस्कृतिक विरासत मिली। मैं हैदराबाद में बड़ा हुआ। मुझे हमेशा लगता है कि यह जगह बड़े होने के लिए सबसे अच्छी है। हम ईद मनाते थे, हम क्रिसमस मनाते थे और दिवाली भी- ये तीनों त्योहार हमारे लिए बड़े त्योहार है।”

मैं भारतीय विरासत के साथ बड़ा हुआ 

नडेला के इंटरव्यू के बाद माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने इस बारे में एक बयान भी जारी किया। इसमें नडेला ने लिखा, “मैं अपने अपनी भारतीय विरासत के साथ बड़ा हुआ। मेरी उम्मीद एक ऐसे भारत की है, जहां अप्रावसी भी एक समृद्ध स्टार्टअप खोलने या किसी मल्टीनेशनल कंपनी को आगे ले जाने का सपना देख सके, जिससे भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था को फायदा हो।”