ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका से परमाणु वार्ता की रिपोर्टों को खारिज किया है। परिषद सचिव ने कहा कि कोई बातचीत नहीं होगी। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

तेहरान: ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने उन सभी रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है। राष्ट्रपति ट्रंप के दावों को भी गलत बताया गया है। परिषद के सचिव अली लारीजानी ने साफ कहा है कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने ट्वीट किया, 'जंग खत्म नहीं हुई है और अमेरिका से अब कोई बातचीत नहीं होगी।'

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लारीजानी का यह बयान 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' समेत कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद लारीजानी ओमानी मध्यस्थों के जरिए बातचीत के लिए दबाव बना रहे थे।

अपने फायदे के लिए ट्रंप ने अपने सैनिकों की दी बलि

लारीजानी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, 'ट्रंप ने अपनी मनगढ़ंत कल्पनाओं से मिडिल ईस्ट को गंभीर अराजकता में धकेल दिया है। अब उन्हें डर है कि और अमेरिकी सैनिक मारे जाएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' के अपने नारे को 'इजरायल फर्स्ट' में बदल दिया है और इजरायल की महत्वाकांक्षाओं के लिए अमेरिकी सैनिकों की बलि दे दी है।'

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर हुए हमलों की कीमत अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों को चुकानी पड़ेगी और ईरान अपनी रक्षा करना जारी रखेगा। इस बयान के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान में कोई भी ऐसा नहीं है जो देश का नेतृत्व करने में सक्षम हो। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई लगभग चार हफ्ते तक चल सकती है।