NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकी अब हाई-टेक हो गए हैं। पहलगाम में मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिकी GoPro कैमरे मिले हैं, जो चीन के रास्ते आए थे। वहीं, दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों ने बम बनाने के लिए ChatGPT जैसे AI टूल का इस्तेमाल किया था।
नई दिल्ली: आतंकियों के हाथ अब सिर्फ बंदूकें और ग्रेनेड ही नहीं, बल्कि अमेरिकी हाई-टेक कैमरे और बम बनाने वाले AI टूल भी लग गए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की दो अलग-अलग मामलों में हुई जांच से ये चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक तरफ जहां पहलगाम में मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिका में बने GoPro कैमरे मिले हैं, वहीं दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों ने बम बनाने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया था।

NIA की जांच में पता चला है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले में शामिल आतंकियों को अमेरिकी GoPro कैमरे चीन के रास्ते सप्लाई किए गए थे। हमला करने के बाद भारतीय सेना ने एनकाउंटर में इन आतंकियों को मार गिराया था और उनके पास से ये हाई-टेक कैमरे बरामद किए थे।
जब NIA ने अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया, तो कंपनी ने बताया कि ये कैमरे चीन के एक सप्लायर को बेचे गए थे। अब NIA इस बात की तह तक जा रही है कि ये कैमरे चीन से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तक कैसे पहुंचे।
अमेरिकी कैमरे आतंकियों तक कैसे पहुंचे?
जांच एजेंसियों को शक है कि हो सकता है पाकिस्तानी सेना ने इन कैमरों को खरीदकर आतंकी गुटों को दिया हो। अधिकारियों का मानना है कि अगर इस सप्लाई चेन को तोड़ दिया गया, तो भारत विरोधी गुटों को पैसे और हार्डवेयर की मदद पहुंचाने वाले पूरे अंडरग्राउंड नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
दिल्ली ब्लास्ट: बम बनाने के लिए AI का इस्तेमाल
उधर, पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट केस में NIA की चार्जशीट से और भी हैरान करने वाली बात सामने आई है। इस हमले के पीछे अल-कायदा के आतंकी थे और उन्होंने विस्फोटक बनाने के लिए ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की मदद ली थी।
चार्जशीट के मुताबिक, इस साजिश में शामिल ज्यादातर आरोपी पढ़े-लिखे थे और हरियाणा के फरीदाबाद की अल-फला यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्टाफ से जुड़े थे। इनमें से एक आरोपी, जासिन बिलाल वानी ने ChatGPT और यूट्यूब पर सर्च करके ये सीखा कि रॉकेट कैसे बनाते हैं और बम में कितनी मात्रा में कौन सी चीज मिलानी है। 7,500 पन्नों की चार्जशीट में बताया गया है कि अदील अहमद राठौड़ नाम का एक और आरोपी उसे चीनी, पोटैशियम नाइट्रेट जैसी चीजें सप्लाई करता था। बता दें कि पिछले साल 10 नवंबर की शाम को लाल किले के पास ट्रैफिक में फंसी एक कार में अचानक धमाका हो गया था, जिसमें 20 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।
