नेपाल में सियासी हलचल तेज हो गई। सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच ओली ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की। 

काठमांडु. नेपाल में सियासी हलचल तेज हो गई। सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच ओली ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की।

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बजट सत्र भी हुआ रद्द
सत्ताधारी पार्टी ओली से इस्तीफे की मांग कर रही है। वहीं, नेपाली पीएम ओली ने कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक की। इसमें संसद के बजट सत्र को रद्द करने का फैसला किया गया। ओली को डर है कि अगर संसद का सत्र चलेगा तो उनके ऊपर इस्तीफे का दबाव बढ़ेगा।

पुष्प कमल के निवास पर बैठकों का दौर जारी
कम्युनिस्ट पार्टी के चेयरमैन और ओली के धुर विरोधी पुष्प कमल दहल के निवास भी बैठकें चल रही हैं। इस बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बिष्णु पोडेल, उप प्रधान मंत्री ईशोर पोखरेल, विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली, शंकर पोखरेल, पीएम के मुख्य सलाहकार बिष्णु रिमल समेत तमाम नेता पहुंचे।

पार्टी का सम्मान करें ओली
प्रचंड ने बैठक में नेताओं से साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री ओली को पार्टी की प्रणाली, प्रक्रियाओं और उसके निर्णयों का पालना करना चाहिए। इस बैठम में ओली से एक बार फिर इस्तीफा मांगा गया। 

ओली के पास 44 में से 15 सदस्य
ओली के पास 44 सदस्यी स्थायी समिति में केवल 15 सदस्य ही उनके पक्ष में हैं। उन्हें पता था कि वे अगर पार्टी की बैठक में शामिल होते तो उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ जाता। प्रचंड लगातार सरकार पर हर मोर्चे में फेल होने का आरोप लगा रहे हैं। 

नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं ओली
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ओली ने प्रचंड से मिलने से साफ इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी यूएमएल नाम से नई पार्टी भी दर्ज करा ली है। ओली ने पार्टी ने अपने विरोधियों को शांत करने की काफी कोशिश की, लेकिन उनकी रणनीति सफल नहीं हुई।