श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले को लेकर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वह लगातार इस मामले पर झूठा एजेंडा चलाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने की कोशिश में लगा है। हालांकि, इस मामले पर किसी ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। अब इमरान सरकार में मंत्री फर्जी वीडियो और खबरों का सहारा लेकर प्रोपेंडा चलाने में लगे हैं। 

पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कश्मीरियों पर अत्याचार का फर्जी दावा किया। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूएन से मदद मांगी। हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनके इस झूठ का तुरंत ही पर्दाफाश कर दिया। इससे पहले पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने ट्वीट किया था कि भारतीय सेना में पंजाबी जवानों को कश्मीर में जुल्म का हिस्सा बनने से इनकार कर देना चाहिए।

पुलिस ने ट्विटर से कार्रवाई करने के लिए कहा
रहमान मलिक ने लिखा, ''भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में हेलिकॉप्टरों से हमला कर रही है। कश्मीर में पूरी तरह से ब्लैकआउट है।'' इस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जवाब देते हुए लिखा, यह पूरी तरह से झूठ है। पुलिस ने ट्विटर से इस तरह झूठ फैला रहे पाकिस्तानी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।
 


दुनियाभर के देशों के हित भारत से जुड़े 
कश्मीर को लेकर भारत के फैसले का पाकिस्तान लगातार विरोध कर रहा है। उसने इस फैसले के खिलाफ अमेरिका और चीन में भी शिकायत की है। हाल ही में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन भी गए थे। पाकिस्तान लगातार इस मामले में भारत की शिकायत यूएन में करने की भी धमकी दे रहा है। हालांकि, विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में कोई भी पाकिस्तान के लिए हार लेकर नहीं खड़ा है। उन्होंने कहा था कि कोई भी देश कश्मीर पर पाक के समर्थन में इसलिए खुलकर नहीं आ रहा क्योंकि दुनियाभर के देशों के हित भारत से जुड़े हैं।