अमेरिका के फ्लोरिडा के 18 साल के छात्र जोनाथन वॉकर को 27 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से एडमिशन का ऑफर मिला है। इसके साथ ही उन्हें 30 करोड़ रुपए का स्कॉलरशिप भी देने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। 

वाशिंगटन। कॉलेज की पढ़ाई में होने वाला खर्च बहुत से छात्रों के लिए बड़ी परेशानी होती है। कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते लाखों छात्रों का कॉलेज जाने का सपना कभी पूरा नहीं होता। वहीं, अमेरिका का 18 साल का एक ऐसा छात्र भी है जिसे अपने यहां एडिमिशन देने के लिए 27 कॉलेजों में होड़ लगी है। इतना ही नहीं उसे कॉलेज में पढ़ने के बदले 30 करोड़ रुपए तक स्कॉलरशिप भी ऑफर किया जा रहा है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस छात्र का नाम जोनाथन वॉकर (Jonathan Walker) है। वह अमेरिका के फ्लोरिडा का रहने वाला है। उसकी कहानी चर्चा का विषय बन गई है। वॉकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेज क्रेडिट अर्जित कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने 27 कॉलेजों का एंट्रेंस टेस्ट कैसे पास किया? वॉकर ने कहा कि उनके निबंधों ने उन्हें कॉलेजों में एडमिशन की स्वीकृति पत्र प्राप्त करने में मदद की।

27 कॉलेजों से स्वीकृति पत्र प्राप्त हैरान है वॉकर 
वॉकर पनामा सिटी में रदरफोर्ड सीनियर हाई का 18 वर्षीय छात्र है। अब उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, येल यूनिवर्सिटी और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय सहित 27 कॉलेजों से माध्यमिक शिक्षा का अपना विकल्प चुनना होगा। वॉकर का कहना है कि वह 27 कॉलेजों से स्वीकृति पत्र प्राप्त कर हैरान है। वॉकर ने कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि मैंने इन सभी कॉलेजों में आवेदन किया और सभी के टेस्ट में सफल रहा। ऐसा होना एक दुर्लभ बात है, लेकिन तथ्य यह है कि ऐसा हुआ। मैं इसके बारे में बहुत उत्साहित हूं। 

यह भी पढ़ें- इमरान खान vs शहबाज शरीफ: समर्थकों में जूतम-पैजार, एक ने तो बुजुर्ग को उठाकर फेंका, देखें पाकिस्तान का वीडियो

स्कूल की फुटबॉल टीम में भी है वॉकर
वॉकर ने हाई स्कूल के अपने जूनियर और सीनियर वर्षों में कॉलेज स्तर की कक्षाएं पूरी की हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सभी विषयों को शामिल किया गया है। यह छात्रों को आकलन पूरा करने के बाद कॉलेज क्रेडिट भी देता है। वॉकर सिर्फ अपनी अकादमिक प्रतिभा के लिए ही नहीं जाने जाते हैं। वह अपने स्कूल की फुटबॉल टीम में भी हैं और एक ऐसे उपकरण का आविष्कार किया जो बहरे और अंधे की मदद करता है।

वाकर ने उन छात्रों के लिए सलाह दी जो उच्च शिक्षा के लिए कॉलेजों में आवेदन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक कॉलेज के लिए निबंधों का एक सेट लिखने और फिर वहां से विशेष रूप से कॉलेजों के लिए उन्हें संशोधित करने जैसा है।

यह भी पढ़ें- शहबाज को पाकिस्तान का पीएम बनाने वाली पीपीपी ने मंत्रिमंडल में शामिल होने से किया इंकार, जानें क्या है वजह