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इराक में अमेरिकी दूतावास फिर निशाने पर; 4 महीने में 19 वां रॉकेट हमला, किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के पास एक बार फिर हमला किया गया है। वहां एक के बाद एक कई रॉकेट दागे गए हैं। बगदाग के जिस ग्रीन जोन क्षेत्र में हमला किया गया, वहां पर सरकारी इमारतें और दूतावास स्थित हैं। हालांकि हमले की किसी ने अभी तक कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। 
 

US Embassy in Iraq again on target; 19th rocket attack in 4 months, no one took responsibility kps
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Baghdad, First Published Feb 16, 2020, 8:44 AM IST
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बगदाद. इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के पास एक बार फिर हमला किया गया है। वहां एक के बाद एक कई रॉकेट दागे गए हैं। फिलहाल हमले में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। बगदाग के जिस ग्रीन जोन क्षेत्र में हमला किया गया, वहां पर सरकारी इमारतें और दूतावास स्थित हैं। अमेरिकी सेना के अधिकारी इसका पता लगाने में जुटे हुए हैं कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2019 के बाद से अमेरिकी ठिकानों पर यह 19 वां हमला है। बीते शुक्रवार भी इराक में अमेरिका के सैन्य ठिकाने पर रॉकेट से हमला किया गया था। 

किसी ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी 

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हमले से पहले ग्रीन जोन एरिया में एयरक्राफ्ट भी देखे गए। फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है। अमेरिका ने हवाई हमले में ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के मुखिया और उसकी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के आर्किटेक्ट जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी थी। जिसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया था। वहीं, ईरान ने बदला लेने के लिए कई बार रॉकेट से हमला किया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मामला शांत चल रहा था। लेकिन एक बार फिर हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनातनी की स्थिति बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। 

अमेरिका को दी थी धमकी 

ईरान ने अमेरिका से बदला लेने की बात कहते हुए घटना के दो दिन बाद इराक स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों रॉकेट से हमला किया था। ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि इस हमले में US के 80 से ज्यादा सैनिक मारे गए, हालांकि अमेरिका ने इस बात का खंडन किया था। ईरान ने कहा था कि उनका बदला पूरा हुआ और अब वह जंग नहीं चाहते। अगर जंग होती है तो वह अमेरिका को माकूल जवाब देंगे। 

ईरान ने किया था प्लेन क्रैश 

कासिम सुलेमानी की मौत के बाद शुरू हुए इस विवाद में ईरान की एक गलती ने 176 लोगों की जान भी ले ली थी। ईरान की राजधानी तेहरान से यूक्रेन के यात्री विमान के उड़ान भरने के चंद मिनटों बाद उसके क्रैश होने की खबरें आई थीं। अमेरिका, यूके और कनाडा ने शक जाहिर किया था कि प्लेन क्रैश होने की घटना टेक्निकल नहीं थी बल्कि ईरान ने उसे मार गिराया था। जिसके बाद मामले की छानबीन में इन देशों का शक सही निकला था। घटना के कई दिनों बाद जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ा तो ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने स्वीकार किया था कि मानवीय गलती की वजह से यह चूक हुई थी। उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट कर खेद व्यक्त किया था। 

(फाइल फोटो)

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