अफगानिस्तान में लोगों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को वोटिंग में हिस्सा लिया, जबकि कट्टरपंथियों ने देश भर में कई जगहों पर पोलिंग बूथ को लक्ष्य कर ब्लास्ट किए।

काबुल(Kabul). अफगानिस्तान में लोगों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को वोटिंग में हिस्सा लिया, जबकि कट्टरपंथियों ने देश भर में कई जगहों पर पोलिंग बूथ को लक्ष्य कर ब्लास्ट किए।

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प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अत्ताउल्ला खोगयानी ने बताया कि नंगरहार के पूर्वी प्रांत में जलालाबाद में पोलिंग बूथ के पास हुए ब्लास्ट में एक व्यक्ति की जान चली गई और अन्य दो घायल हुए हैं। वहीं अस्पताल के निदेशक ने ‘एएफपी’ को बताया कि दक्षिणी शहर कंधार में मतदान केन्द्र में हुए विस्फोट में कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं।

चुनाव अभियान के दौरान पिछले दो महीने में कई हमलों को अंजाम दे चुके तालिबान ने कई पोलिंग बूथ को निशाना बनाने का दावा किया है। गौरतलब है कि देश में चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। तालिबान ने लोगों को मतदान नहीं करने की लगातार चेतावनी दी है। आतंकवादी संगठन ने चुनावी रैलियों और चुनावी दफ्तरों को निशाना बनाने के लिये आत्मघाती हमले किए। इनमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए।

गनी ने काबुल में एक स्कूल में पोलिंग बूथ में वोट डालने के बाद कहा, ‘‘ शांति हमारे लोगों की पहली मांग है। इसका ढांचा तैयार है, मैं चाहता हूं कि लोग मुझे अनुमति और वैधता दें ताकि हम शांति की दिशा में काम कर सकें। ’’ गृह मंत्री मसूद अंदराबी ने कल शुक्रवार को चुनाव में सुरक्षा तैयारियों को रेखांकित करते हुए बताया था कि इसकी रूपरेखा तैयार करने में उन्हें आठ महीने का वक्त लगा।

चुनाव में राष्ट्रपति अशरफ गनी और देश के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला के बीच कड़ा मुकाबला है। अफगानिस्तान में करीब 96 लाख पंजीकृत मतदाता हैं, लेकिन इनमें से कई लोगों ने 18 साल तक चले युद्ध के बाद किसी भी सरकार के यहां हालात बेहतर कर पाने की उम्मीद खो दी है।

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]