श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इस ग्रंथ में हर किसी के लिए सीखने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां बताई हैं।

उज्जैन. गीता का ज्ञान हर किसी के लिए एक अलग महत्व रखता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, किस व्यक्ति को गीता किस उद्देश्य से पढ़नी या सुननी चाहिए, इसके बारे में जानकारी होना सभी के लिए जरूरी होता है। हर किसी को अपनी उम्र और परिस्थिति के अनुसार श्रीमद्भागवत गीता से शिक्षा लेनी चाहिए। जानिए आपको किस उद्देश्य से गीता का पाठ करना चाहिए-

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1) युवाओं को- जीवन जीने का सही तरीका सीखने के लिए।
2) बुर्जुगों को- मृत्यु का सही अर्थ और मोक्ष प्राप्ति के लिए।
3) व्याकुल को- बुद्धिमत्ता यानी सही रास्ता जानने के लिए।
4) क्रोधी को- मानवता सीखने के लिए।
5) अमीर को- दया और सहानुभूति की भावना सीखने के लिए।
6) कमजोर को- शक्ति और सामर्थ्य पाने के लिए।
7) ताकतवर को- अपनी ताकत को सही दिशा देने के लिए।
8) अशांत को- मन की शांति के लिए।
9) पापी को- प्रायश्चित के लिए।
10) भटके हुए मनुष्य को- सही मार्गदर्शन के लिए।