उज्जैन. मकान बनाने की पहली प्रक्रिया भूखंड (प्लॉट) चयन से होती है। अगर आप वास्तु अनुरूप प्लॉट खरीदना चाहते हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें-

1. यदि कोने का प्लॉट हो तो सर्वश्रेष्ठ होगा। आपका प्लॉट आस-पास के अन्य प्लॉटों या बस्ती से नीचे नहीं होना चाहिए। नहीं तो बरसात के दिनों में पानी आपके घर में घुस सकता है। साथ ही घर में हवा भी पर्याप्त नहीं आ सकेगी।

2. गंदा नाला, प्रदूषण वाली फैक्टरी, गंदगी, श्मशान, कब्रिस्तान अथवा मुर्दा-मवेशी निस्तारण आदि स्थानों के पास प्लॉट न लें। इससे घर में निगेटिवीटी बनी रहेगी।

3. प्लॉट के आस-पास जीर्ण-शीर्ण मकान, पुराना कुआं, क्षतिग्रस्त मंदिर या गड्ढा नहीं होना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने से वास्तु का आभामंडल प्रभावित होगा।

4. ऐसे प्लॉट का चयन करें जिसके उत्तर में आम रास्ता हो। इससे घर का प्रवेश द्वार उत्तर में रखा जा सकता है।

5. यदि आपके भूखंड के पूर्व की तरफ आम रास्ता निकलता हो तो भी बेहतर रहेगा। क्योंकि पूर्व दिशा से ही सूर्य निकलता है। ऐसे में पूर्व दिशा में घर का मुंह रखना शुभ व स्वास्थ्यवर्धक है।

6. संभव हो तो दक्षिणमुखी प्लॉट लेने से बचें।

7. प्लॉट पर भवन का निर्माण करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसके केवल 60 प्रतिशत भाग पर ही निर्माण करवाएं यदि अधिक निर्मित भाग की आवश्यकता न हो तो इससे अधिक भाग भी खुला छोड़ा जा सकता है।