हिंदू धर्म ग्रंथों में जीवन के रहस्यों से भरी कई गूढ़ बातें बताई गई हैं। इन्हें समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। जब भी कोई बच्चा जन्म लेता है तो सभी उसके भविष्य के बारे में सोचने लगते हैं।

उज्जैन. जन्म लेते ही माता-पिता बच्चे के भविष्य को लेकर सपने सजाने लगते हैं जैसे बड़ा होकर ये क्या काम करेगा और पढ़ाई में इसकी रूचि रहेगी या नहीं? ये बच्चा परिवार का नाम रौशन करेगा या नहीं? पंचतंत्र (Life Management of Panchatantra) के हितोपदेश के एक श्लोक में लिखा है, जो इन सभी बातों का जबाव देने के लिए काफी है। इस श्लोक में कुछ ऐसी बातों के बारे में बताया गया है जो बच्चे के मां के गर्भ में रहते हुए ही विधाता तय देते हैं। आज के समय में भले ही ये बात अजीब लगे, लेकिन हिंदू धर्म में आज भी इन बातों पर विश्वास किया जाता है। आगे जानिए कौन-सी हैं वो 5 बातें…

श्लोक
आयु: कर्म च वित्तंच विद्या निधनमेव च।
पंचैतान्यपि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिन:।।
अर्थ- जब शिशु मां के पेट में होता है, तभी भगवान उसकी आयु, कर्म, धन-संपत्ति, शास्त्रों का ज्ञान और मृत्यु, तय कर देते हैं।

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उम्र: पंचतंत्र के इस श्लोक के अनुसार, जब कोई बच्चा अपनी मां के गर्भ में होता है, तब ही उसकी आयु का निर्धारण विधाता द्वारा कर दिया जाता है। यानी होने वाला बच्चा कितने समय पर पृथ्वी पर रहेगा और किस तरह उसकी मृत्यु होगी, इन बस बातों का निर्धारण ईश्वर द्वार पहले ही कर दिया जाता है।

काम: गर्भ में पल रहा शिशु जन्म के बाद जब युवावस्था में प्रवेश करेगा तो आजीविका के लिए वो कौन-सा काम करेगा, ये भी उसके गर्भ में रहते ही तय हो जाता है। वो बच्चा बिनजेस में अपना करियर बनाएगा या कोई नौकरी करेगा, ईश्वर ये सब चीजें पहले से ही तय कर देता है।

धन-संपत्ति: माता के गर्भ में सांस ले रहा है शिशु जन्म लेने के कितनी धन-दौलत कमाएगा और कितनी संपत्ति अर्जित करेगा। उसे धन-संपत्ति का सुख मिलेगा या भी नहीं। वह स्वयं धन-संपत्ति अर्जित करेगा या उसे ये जब चीजें पैतृक यानी अपने पूर्वजों से मिलेंगी। ये बात भी परमात्मा पहले ही निर्धारित कर देता है।

शिक्षा: गर्भस्थ शिशु पढ़ाई में कितना होशियार होगा। वह किस क्षेत्र में पढ़ाई करेगा और कितनी पढ़ाई करेगा। ये सभी बातें भी भगवान पहले ही तय कर देता है। इन 4 बातों के अलावा मृत्यु का समय और तरीका भी ईश्वर पहले ही तय कर देते है। ये बात अन्य धर्म ग्रंथों में भी लिखी गई है।

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