Mahabharata: इस योद्धा को सिर्फ 6 लोग मार सकते थे, बहुत ही दर्दनाक तरीके से हुई थी इसकी मृत्यु

| Nov 29 2022, 12:58 PM IST

Mahabharata: इस योद्धा को सिर्फ 6 लोग मार सकते थे, बहुत ही दर्दनाक तरीके से हुई थी इसकी मृत्यु
Mahabharata: इस योद्धा को सिर्फ 6 लोग मार सकते थे, बहुत ही दर्दनाक तरीके से हुई थी इसकी मृत्यु
Share this Article
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Email

सार

interesting facts of Mahabharata: महाभारत में कई पराक्रमी योद्धाओं का वर्णन है, कीचक भी इनमें से एक था। कीचक विराट नगर के राजा विराट का साला और सेनापति था। उससे डरकर आस-पास के कई राज्य विराट नगर पर हमला करने से घबराते थे।
 

उज्जैन. जुएं में अपना राज-पाठ हारने के बाद पांडवों को 12 साल वनवास और एक साल के अज्ञातवास पर जाना पड़ा। (Mahabharata) अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडव और द्रौपदी विराट नगर में नाम बदलकर रहने लगे। यहां के राजा विराट का साला था कीचक। ये महाबलशाली था। संसार में सिर्फ कुछ ही लोग उसके समान बल वाले थे। विराट नगर में रहते हुए भीम ने ही उसका वध किया था। भीम ने कीचक का वध (Kichak Vadh)  क्यों किया और उसके वध से कौरवों को पांडवों का पता कैसे चला आगे जानिए…

विराट नगर में पांडव किस रूप में रहते थे?
पांडवों ने अपना अज्ञातवास काटने के लिए विराट नगर को चुना और यहां वे अपना रूप और नाम बदलकर रहने लगे। युधिष्ठिर राजा विराट के सलाहकार के रूप में, भीम रसोइए के रूप में काम करने लगे। अर्जुन वृहन्नला के रूप में राजा विराट की पुत्री उत्तरा को नृत्य सिखाने लगे, वहीं नकुल राजा विराट की गौशाला और सहदेव अश्वशाला संभालने लगे।  

Subscribe to get breaking news alerts

कीचक की नजर थी द्रौपदी पर
द्रौपदी विराट नगर में रानी सुदेष्ण की सहायिका बनकर रहने लगी। रानी सुदेष्ण के भाई कीचक ने जब द्रौपदी को देखा तो वह मोहित हो गया। कीचक ने द्रौपदी के सामने विवाह का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन द्रौपदी ने इनकार कर दिया। एक बार कीचक ने द्रौपदी को अकेला पाकर उसके साथ दुराचार करने का प्रयास किया। ये बात जानकर भीम ने कीचक का वध करने की ठान ली। 

भीम ने बहुत भयानक मौत दी कीचक को
कीचक का वध करने के लिए द्रौपदी ने उसे रात में महल की नृत्यशाला में अकेले बुलवाया, यहां भीम पहले से उसका इंतजार कर रहे थे। भीम और कीचक में भयंकर युद्ध हुआ। कीचक को हराना आसान नहीं था क्योंकि वह भी परम शक्तिशाली था, लेकिन अंत में भीम ने उसका वध कर दिया। भीम ने कीचक को इस तरह मारा कि वह मांस का गोला दिखाई देने लगा। 

जब दुर्योधन को मिली कीचक वध की सूचना
कीचक के मारे जाने की सूचना जब दुर्योधन की मिली तो वह सोच में पड़ गया क्योंकि कीचक को सिर्फ 6 लोग ही मार सकते थे- वे थे बलराम, गुरु द्रोणाचार्य, भीष्म पितामाह, कर्ण, भीम और वो स्वयं। ये बात जानकर दुर्योधन को विश्वास हो गया कि भीम ने ही कीचक का वध किया है। यही सोचकर दुर्योधन ने विराट नगर पर हमला किया, जिसमें अर्जुन ने गुरु द्रोणाचार्य, भीष्म और कर्ण सहित सभी योद्धाओं को अकेले ही हरा दिया था।


ये भी पढ़ें-

शनि के नक्षत्र में बना 3 ग्रहों का संयोग, किन-किन राशियों को मिलेगा इसका शुभ फल?

Planetary Changes December 2022: दिसंबर 2022 में लगातार बदलेगी इस 1 ग्रह की स्थिति

Mokshada Ekadashi 2022: मोक्षदा एकादशी 3 या 4 दिसंबर को? नोट करें सही तारीख, पूजा विधि व शुभ मुहूर्त


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।