Asianet News HindiAsianet News Hindi

Makar Sankranti 2022:1700 साल पहले 21 दिसंबर को आती थी मकर संक्रांति, 2077 के बाद 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी

आज (14 जनवरी, शुक्रवार) सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर में आ जाएगा। सूर्य के राशि बदलने के समय को लेकर मतभेद है। इसलिए कुछ जगह 14 तो कहीं 15 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2022) मनेगी। मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में 14 जनवरी को ही संक्रांति मनाई जा रही है।
 

Makar Sankranti 2022 Makar Sankranti Special things of Makar Sankranti MMA
Author
Ujjain, First Published Jan 14, 2022, 8:44 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. सूर्य के राशि बदलने के समय से ही मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2022) मनाने निर्णय किया जाता है। इस कारण इस त्योहार की तारीखों में बदलाव होता है। यही कारण है साल 2077 से ये 14 नहीं बल्कि 15 और 16 जनवरी को मनेगा। ये दिन सिर्फ खगोलीय दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि धार्मिक और ज्योतिष रूप से भी महत्वपूर्ण है। आगे जानिए इससे जुड़ी खास बातें…

हर साल 20 मिनट देरी से मकर में आता है सूर्य
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र के अनुसार, सूर्य हर साल 20 मिनट देरी से मकर राशि में आता है। इस तरह हर तीन साल में एक घंटे बाद और 72 साल में एक दिन की देरी से मकर संकांति पर्व होता है। इसी गणित के हिसाब से तकरीबन 1700 साल पहले मकर संक्रांति 21 दिसंबर को मनाई जाती थी। अब 2077 के बाद से 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति हुआ करेगी।

मकर संक्रांति 14 को ही मनाना सही
राष्ट्रीय पंचांग के मुताबिक सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 02:30 पर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसलिए स्नान-दान का ये त्योहार आज ही मनाया जाना चाहिए। वहीं, बनारस, उज्जैन और अन्य शहरों के पंचांगों के अनुसार सूर्य 14 जनवरी की रात में तकरीबन साढ़े 8 पर राशि बदलेगा। इस कारण कुछ लोग 15 तारीख को स्नान-दान और पूजा-पाठ करेंगे। ज्योतिषीयों का कहना है कि परंपरा को मानते हुए स्थानीय पंचांगों के अनुसार ये पर्व दोनों दिन मनाया जा सकता है।

ऋतु पर्व है मकर संक्रांति
सूर्य के राशि बदलने से हर दो महीने में ऋतु बदलती है। मकर संक्रांति एक ऋतु पर्व है। ये हेमंत और शीत ऋतु का संधिकाल है। यानी हेमंत खत्म होने के बाद शीत ऋतु शुरू होती है। इसलिए ठंड का मौसम होने की वजह से मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा और खिचड़ी और तिल-गुड़ खाने की परंपरा बनाई। क्योंकि ये अन्न शीत ऋतु में शरीर के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही मौसम को ध्यान में रखते हुए इस पर्व पर गर्म कपड़ों का दान भी दिया जाता है।

 

ये खबरें भी पढ़ें...


Makar Sankranti 2022: 14-15 जनवरी को करें ये आसान उपाय, इनसे खत्म हो सकता है आपका बेड लक

Uttarayan 2022: क्या है सूर्य के उत्तरायण होने का महत्व, इसे क्यों कहते हैं देवताओं का दिन?

Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति पर राशि अनुसार दान करें ये चीजें और रखें इन बातों का ध्यान, मिलेंगे शुभ फल

Makar Sankranti 2022: त्योहार एक नाम अनेक, जानिए देश में कहां, किस नाम से मनाते हैं मकर संक्रांति पर्व

Makar Sankranti 2022: बाघ पर सवार होकर आएगी संक्रांति, महिलाओं को मिलेंगे शुभ फल और बढ़ेगा देश का पराक्रम

Makar Sankranti 2022: 14 और 15 जनवरी को करें ये उपाय, मिलेंगे शुभ फल और दूर होंगी परेशानियां

Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति पर इतने साल बाद बनेगा सूर्य-शनि का दुर्लभ योग, इन 3 राशियों को होगा फायदा

Makar Sankranti पर 3 ग्रह रहेंगे एक ही राशि में, शनि की राशि में बनेगा सूर्य और बुध का शुभ योग

Makar Sankranti को लेकर ज्योतिषियों में मतभेद, जानिए कब मनाया जाएगा ये पर्व 14 या 15 जनवरी को?

Makar Sankranti 2022: 3 शुभ योगों में मनाया जाएगा मकर संक्रांति उत्सव, इस पर्व से शुरू होगा देवताओं का दिन

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios