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मनु स्मृति: इन 5 लोगों को कभी घर में नहीं बुलाना चाहिए, नमस्ते भी नहीं करना चाहिए

हिंदू धर्म में अतिथि यानी मेहमान को भगवान की संज्ञा दी गई है, लेकिन मनु स्मृति के अनुसार, कुछ लोगों को कभी मेहमान नहीं बनाना चाहिए।

Manu Smriti: These 5 people should never be called at home, they should not even say hello
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Ujjain, First Published Feb 25, 2020, 10:48 AM IST
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उज्जैन. मनु स्मृति के अनुसार कुछ लोगों को मेहमान बनाकर घर नहीं बुलाना चाहिए और अगर ऐसे लोग दिख भी जाएं तो उनसे नमस्ते भी नहीं करना चाहिए। ये लोग कौन हैं और इन्हें क्यों मेहमान नहीं बनाना चाहिए, जानिए-

श्लोक
पाषण्डिनो विकर्मस्थान्बैडालव्रतिकांछठान्।
हैतुकान्वकवृत्तींश्च वाड्मात्रेणापि नार्चयेत्।।

अर्थ- 1. पाखंडी, 2. बुरे काम करने वाला, 3. दूसरों को मूर्ख बनाकर धन लूटने वाला, 4. दूसरों को दुख पहुंचाने वाला व 5. वेदों में श्रद्धा न रखने वाला। इन 5 लोगों को अतिथि नहीं बनाना चाहिए और इन्हें नमस्ते भी नहीं करना चाहिए।

1. पाखंडी
जो लोग अपने मूल स्वभाव को छिपाकर स्वयं को सज्जन दिखाने का प्रयास करते हैं, ऐसे लोग पाखंडी होते हैं। ऐसे लोग धर्म के नाम पर लोगों के साथ छल करते हैं और उनका धन, वैभव आदि छिन लेते हैं। ऐसे लोग अपने निजी हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और अपने परिवार, मित्र, आदि का भी नुकसान कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को कभी मेहमान नहीं बनाना चाहिए।

2. बुरे काम करने वाला
जो व्यक्ति लूट-पाट, डकैती, चोरी आदि बुरे काम करते हैं, उन्हें भी कभी अतिथि नहीं बनाना चाहिए। ऐसे लोग योजनाबद्ध तरीके से आपके घर व जमीन आदि पर कब्जा भी कर सकते हैं। अगर आप इनकी योजना जान जाएं तो ये आपका अहित करने से भी चूकते। इसलिए बुरे काम करने वाले लोगों को कभी मेहमान बनाकर घर पर नहीं बुलाना चाहिए।

3. दूसरों को मूर्ख बनाकर उनका धन लूटने वाला
जो लोग दूसरों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझाकर उनका धन हड़प लेते हैं, ऐसे लोगों को भी कभी मेहमान नहीं बनाना चाहिए। ऐसे लोग खास तौर पर महिलाओं व बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते हैं और रुपया-पैसा दोगुना करने का लालच देकर उनका माल हड़प लेते हैं। इसलिए दूसरों को मूर्ख बनाकर उनका धन लूटने वालों को कभी अतिथि नहीं बनाना चाहिए।

4. दूसरों को दुख पहुंचाने वाला
आमतौर पर लोग दूसरों का दुख बांटने की कोशिश करते हैं मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें दूसरों को दुखी देखकर आनंद आता है। ऐसे लोग अक्सर अन्य लोगों को किसी न किसी रूप में दुख पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। ऐसे व्यक्ति को अगर घर पर अतिथि बनाकर बुलाया जाए तो निश्चित रूप से ये आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को दुख पहुंचाने की कोशिश करेंगें। इसलिए ऐसे लोग जो दूसरों को दुख पहुंचाते हों, को कभी मेहमान नहीं बनाना चाहिए।

5. वेदों में श्रद्धा न रखने वाला
जो व्यक्ति वेदों में श्रद्धा नहीं रखता, वह नास्तिक होता है। ऐसे लोग अधार्मिक कामों को करने वाले हो सकते हैं। अनजाने में ही कई बार ऐसी बातें कह जाते हैं जो परिवार के सामने नहीं कहनी चाहिए या जिससे किसी का मन दुख सकता है। ऐसी स्थिति में वाद-विवाद होने की संभावना अधिक रहती है। अतः जो व्यक्ति वेदों में श्रद्धा न रखता हो, उसे कभी अतिथि नहीं बनाना चाहिए।

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