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गंगा जल से दूर हो सकती हैं कई परेशानियां, 18 मई को गंगा सप्तमी पर इस विधि से करें स्नान

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि गंगा की उत्पत्ति इसी दिन हुई थी। इस दिन गंगा नदी में स्नान कर पूजा करने का विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार गंगा सप्तमी का पर्व 18 मई, मंगलवार को है।

Many troubles can be overcome with the Ganges water, bathe on Ganga Saptami on May 18 with this method KPI
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Ujjain, First Published May 17, 2021, 3:03 PM IST
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उज्जैन. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि गंगा की उत्पत्ति इसी दिन हुई थी। इस दिन गंगा नदी में स्नान कर पूजा करने का विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार गंगा सप्तमी का पर्व 18 मई, मंगलवार को है।

भगीरथ धरती पर लेकर आए थे गंगा को
धर्म ग्रंथों के अनुसार जब कपिल मुनि के श्राप से सूर्यवंशी राजा सगर के 60 हजार पुत्र भस्म हो गए, तब उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर माता गंगा को प्रसन्न किया और धरती पर लेकर आए। गंगा के स्पर्श से ही सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार हो सका। गंगा को मोक्षदायिनी कहा जाता है। विभिन्न अवसरों पर गंगा तट पर मेले और गंगा स्नान के आयोजन होते हैं। इनमें कुंभ पर्व, गंगा दशहरा, व्यास पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा, मकर संक्रांति व गंगा सप्तमी आदि प्रमुख हैं।

इस विधि से करें स्नान
गंगा सप्तमी पर स्नान करते समय पहले रुद्राक्ष सिर पर रखें। इसके बाद जल सबसे पहले सिर पर डालें और यह मंत्र बोलें-
रुद्राक्ष मस्तकै धृत्वा शिर: स्नानं करोति य:।
गंगा स्नान फलं तस्य जायते नात्र संशय:।।

इसके अलावा 'ॐ नम: शिवाय' यह मंत्र भी मन ही मन स्मरण करें। इस मंत्र में रुद्राक्ष को सिर पर रखकर स्नान का फल गंगा स्नान के समान बताया गया है। यह उपाय घर या किसी भी तीर्थ स्नान के समय भी अपनाया जा सकता है। स्नान का यह तरीका तन के साथ मन को भी पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। 

गंगा जल के आसान उपाय
1.
जिस घर में निगेटिव शक्ति का असर हो, वहां सुबह-शाम गंगा जल छिड़कने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
2. अगर किसी व्यक्ति पर बुरी शक्ति का असर हो तो उस पर भी गंगा जल छिड़कना चाहिए। इससे पीड़ित व्यक्ति को आराम मिलता है।
3. गंगा जल को हमेशा पूजा स्थान पर रखना चाहिए, ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
4. जिस घर में वास्तु दोष, वहां भी यदि रोज गंगा जल छिड़का जाए तो उस दोष की शांति संभव है। 
 

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