Asianet News HindiAsianet News Hindi

सावन: भगवान शिव को क्यों नहीं चढ़ाते केतकी का फूल, जानिए क्या है इसका कारण?

इन दिनों सावन का पवित्र महीना चल रहा है। इस महीने में शिव पूजा का विशेष महत्व है। शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव की अलग-अलग फूलों से पूजा करने से मनचाही इच्छा पूरी हो सकती है।

Sawan know why ketaki flower is not offered to lord shiva KPI
Author
Ujjain, First Published Jul 22, 2020, 3:16 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. शिव पूजा में केतकी का फूल वर्जित माना गया है। इसके पीछे एक कथा जुड़ी है, जो इस प्रकार है-

इसलिए शिवजी नहीं चढ़ाते केतकी का फूल
- भगवान शिव को केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता, ये बात हम सभी जानते हैं। लेकिन ऐसा क्यों है ये बात बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको इससे संबंधित कथा बता रहे हैं।
- शिवपुराण के अनुसार, एक बार ब्रह्मा व विष्णु में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है? ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे।
- तभी वहां एक विराट ज्योतिर्मय लिंग प्रकट हुआ। दोनों देवताओं ने यह निश्चय किया गया कि जो इस लिंग के छोर का पहले पता लगाएगा, उसे ही श्रेष्ठ माना जाएगा। अत: दोनों विपरीत दिशा में शिवलिंग का छोर ढूंढने निकले। छोर न मिलने के कारण विष्णु लौट आए।
- ब्रह्मा भी सफल नहीं हुए परंतु उन्होंने आकर विष्णु से कहा कि वे छोर तक पहुंच गए थे। उन्होंने केतकी के फूल को इस बात का साक्षी बताया। ब्रह्माजी के असत्य कहने पर स्वयं भगवान शिव वहां प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्माजी की आलोचना की।
-  दोनों देवताओं ने महादेव की स्तुति की। तब शिवजी बोले कि मैं ही सृष्टि का कारण, उत्पत्तिकर्ता और स्वामी हूं। मैंने ही तुम दोनों को उत्पन्न किया है।
- शिव ने केतकी पुष्प को झूठा साक्ष्य देने के लिए दंडित करते हुए कहा कि यह फूल मेरी पूजा में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इसीलिए शिव के पूजन में कभी केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios