Asianet News HindiAsianet News Hindi

Shradh Paksha: श्राद्ध करने से पहले सभी के लिए जरूरी है ये 12 बातें जानना, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितृ

श्राद्ध पक्ष (Shradh Paksha 2021) में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्यु तिथि पर श्राद्ध करते हैं। इस बार श्राद्ध पक्ष (Shradh Paksha 2021) 20 सितंबर से 6 अक्टूबर तक है। श्राद्ध से जुड़ी कई ऐसी कई बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं।

Shradh Paksha, one should be aware of these important things before doing shradh
Author
Ujjain, First Published Sep 21, 2021, 11:46 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. श्राद्ध करने से कुछ बातें जान लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि कई बार विधिपूर्वक श्राद्ध न करने से पितृ श्राप भी दे देते हैं। जैसे श्राद्ध में कैसे बर्तनों का उपयोग करना चाहिए, किन खाद्य पदार्थों से पितृ तृप्त होते हैं और कौन-सा समय श्राद्ध के लिए उपयुक्त है आदि। आज हम आपको श्राद्ध से जुड़ी कुछ ऐसी ही विशेष बातें बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं-

1. श्राद्धकर्म (Shraddha Paksha 2021) में गाय का घी, दूध या दही काम में लेना चाहिए। यह ध्यान रखें कि गाय को बच्चा हुए दस दिन से अधिक हो चुके हैं। दस दिन के अंदर बछड़े को जन्म देने वाली गाय के दूध का उपयोग श्राद्ध कर्म में नहीं करना चाहिए।
2. जो पितृ शस्त्र आदि से मारे गए हों उनका श्राद्ध मुख्य तिथि के अतिरिक्त चतुर्दशी को भी करना चाहिए। इससे वे प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध गुप्त रूप से करना चाहिए।
3. श्राद्ध में जौ, कांगनी, मटर और सरसों का उपयोग श्रेष्ठ रहता है। तिल की मात्रा अधिक होने पर श्राद्ध अक्षय हो जाता है। वास्तव में तिल पिशाचों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं।
4. दूसरे की भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिए। वन, पर्वत, पुण्यतीर्थ एवं मंदिर दूसरे की भूमि नहीं माने जाते, क्योंकि इन पर किसी का स्वामित्व नहीं माना गया है। अत: इन स्थानों पर श्राद्ध किया जा सकता है।
5. चाहे मनुष्य देवकार्य (पूजन आदि) में ब्राह्मण की चयन करते समय न सोचे, लेकिन पितृ कार्य में योग्य ब्राह्मण का ही चयन करना चाहिए, क्योंकि श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों द्वारा ही होती है।
6. धर्म ग्रंथों के अनुसार, सायंकाल का समय राक्षसों के लिए होता है, यह समय सभी कार्यों के मना है। अत: शाम के समय भी श्राद्धकर्म (Shraddha Paksha 2021) नहीं करना चाहिए।
7. श्राद्ध में ये चीजें होना महत्वपूर्ण हैं- गंगाजल, दूध, शहद, दौहित्र (पुत्री की संतान), कुशा और तिल।
8. केले के पत्ते पर श्राद्ध भोजन निषेध है। सोने, चांदी, कांसे, तांबे के पात्र उत्तम हैं। इनके अभाव में पत्तल उपयोग की जा सकती है।
9. तुलसी से पितृगण प्रसन्न होते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि पितृगण गरुड़ पर सवार होकर विष्णुलोक को चले जाते हैं। तुलसी से पिंड की पूजा करने से पितर लोग प्रलयकाल तक संतुष्ट रहते हैं।
10. रेशमी, कंबल, ऊन, लकड़ी, कुशा आदि के आसन श्रेष्ठ हैं। आसन में लोहा किसी भी रूप में प्रयुक्त नहीं होना चाहिए।
11. चना, मसूर, उड़द, सत्तू, मूली, काला जीरा, कचनार, खीरा, काला उड़द, काला नमक, लौकी, बड़ी सरसों, काले सरसों की पत्ती और बासी, अपवित्र फल या अन्न श्राद्ध (Shraddha Paksha 2021) में निषेध हैं।
12. ब्राह्मणों को भोजन के बाद घर के द्वार तक पूरे सम्मान के साथ विदा करके आएं। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ब्राह्मणों के साथ-साथ पितर लोग भी चलते हैं। ब्राह्मणों के भोजन के बाद ही अपने परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों को भोजन कराएं।

श्राद्ध पक्ष के बारे में ये भी पढ़ें 

Shradh Paksha: किस तिथि और नक्षत्र में किए गए श्राद्ध का क्या फल मिलता है, बताया गया है महाभारत में

कुंडली में है पितृ दोष तो आपके लिए बहुत खास है श्राद्ध पक्ष, अशुभ फल से बचने के लिए करें ये उपाय

Shradh Paksha: मृत्यु तिथि याद न हो तो किस दिन करें पितरों का श्राद्ध? ये है सबसे आसान विधि

Shradh Paksha: श्राद्ध करते समय ध्यान रखें ये 10 बातें, प्रसन्न होंगे पितृ और घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Shradh Paksha: सबसे पहले किसने किया था श्राद्ध, इन 16 दिनों में कौन-से काम नहीं करना चाहिए?

Shradh Paksha: श्राद्ध पक्ष में तर्पण और पिंडदान करने से मिलती है पितृ ऋण से मुक्ति, जानिए महत्व

Shradh Paksha: 20 सितंबर से 6 अक्टूबर तक रहेगा श्राद्ध पक्ष, 2 दिन पंचमी तिथि होने से 17 दिन का रहेगा

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios