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श्रीराम नवमी 21 अप्रैल को, इस विधि से करें पूजा और ये हैं शुभ मुहूर्त

इस बार 21 अप्रैल, बु‌धवार को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार, द्वापरयुग में इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में अवतार लिया था। इस दिन प्रमुख राम मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं।

Shri Ram Navami on April 21, know the puja vidhi and shubh muhurat KPI
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Ujjain, First Published Apr 20, 2021, 12:54 PM IST
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उज्जैन. इस बार 21 अप्रैल, बु‌धवार को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार, द्वापरयुग में इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में अवतार लिया था। इस दिन प्रमुख राम मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इस दिन घर में भगवान श्रीराम की पूजा कैसे करें, इसकी विधि इस प्रकार है…

ऐसे करें भगवान श्रीराम की पूजा

- राम नवमी की सुबह स्नान आदि करने के बाद घर के उत्तर भाग में एक सुंदर मंडप बनाएं। उसके बीच में एक वेदी बनाएं। उसके ऊपर भगवान श्रीराम व माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें।
- श्रीराम व माता सीता की पंचोपचार (गंध, चावल, फूल, धूप, दीप) से पूजन करें। इसके बाद इस मंत्र बोलें-
मंगलार्थ महीपाल नीराजनमिदं हरे।
संगृहाण जगन्नाथ रामचंद्र नमोस्तु ते।।
ऊँ परिकरसहिताय श्रीसीतारामचंद्राय कर्पूरारार्तिक्यं समर्पयामि।

- इसके बाद किसी पात्र (बर्तन) में कपूर तथा घी की बत्ती (एक या पांच अथवा ग्यारह) जलाकर भगवान श्रीसीताराम की आरती करें-
आरती कीजै श्रीरघुबर की, सत चित आनंद शिव सुंदर की।।
दशरथ-तनय कौसिला-नंदन, सुर-मुनि-रक्षक दैत्य निकंदन,
अनुगत-भक्त भक्त-उर-चंदन, मर्यादा-पुरुषोत्तम वरकी।।
निर्गुन सगुन, अरूप, रूपनिधि, सकल लोक-वंदित विभिन्न विधि,
हरण शोक-भय, दायक सब सिधि, मायारहित दिव्य नर-वरकी।।
जानकिपति सुराधिपति जगपति, अखिल लोक पालक त्रिलोक-गति,
विश्ववंद्य अनवद्य अमित-मति, एकमात्र गति सचारचर की।।
शरणागत-वत्सलव्रतधारी, भक्त कल्पतरु-वर असुरारी,
नाम लेत जग पवनकारी, वानर-सखा दीन-दुख-हरकी।।

आरती के बाद हाथ में फूल लेकर यह मंत्र बोलें-
नमो देवाधिदेवाय रघुनाथाय शार्गिणे।
चिन्मयानन्तरूपाय सीताया: पतये नम:।।
ऊँ परिकरसहिताय श्रीसीतारामचंद्राय पुष्पांजलि समर्पयामि।

इसके बाद फूल भगवान को चढ़ा दें और यह श्लोक बोलते हुए प्रदक्षिणा करें-
यानि कानि च पापानि ब्रह्महत्यादिकानि च।
तानि तानि प्रणशयन्ति प्रदक्षिण पदे पदे।।

इसके बाद भगवान श्रीराम को प्रणाम करें और कल्याण की प्रार्थना करें। इस प्रकार भगवान श्रीराम का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

ये हैं शुभ मुहूर्त

नवमी तिथि प्रारम्भ- 21 अप्रैल 2021 को रात 00:43 बजे से
नवमी तिथि समाप्त- 22 अप्रैल 2021 को रात 00:35 बजे तक
पूजा मुहूर्त- 21 अप्रैल सुबह 11.02 से दोपहर 01.38 तक
पूजा की कुल अवधि- 02 घंटे 36 मिनट

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