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श्रीरामचरित मानस: दुर्जन व्यक्ति का आपके सामने झुकना आने वाले संकट का संकेत हो सकता है

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस में लाइफ मैनेजमेंट के अनेक सूत्र बताए गए हैं।

Shri Ramcharit Manas: Bending of a bad person in front of you can be a sign of crisis KPI
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Ujjain, First Published Apr 6, 2020, 1:21 PM IST
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उज्जैन. श्रीरामचरित मानस के एक प्रसंग में बताया गया है अगर कोई बुरा व्यक्ति हमारे सामने झुकता है तो हमें सावधान हो जाना चाहिए। नीच लोग जब भी हमारे सामने झुकते हैं तो इसका मतलब यही है कि वे हमसे कुछ चाहते हैं। इन लोगों की इच्छा पूरी करने पर हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए रावण और मारीच का पूरा प्रसंग...

जब मारीच के सामने झुका रावण
जब रावण सीता का हरण करने के लिए लंका से निकलता है तो सबसे पहले वह अपने मामा मारीच के पास पहुंचता है और उसे नमस्कार करता है। मारीच रावण को झुका देखकर समझ जाता है कि अब भविष्य में कोई संकट आने वाला है।

श्रीरामचरित मानस में लिखा है कि-
नवनि नीच कै अति दुखदाई। जिमि अंकुस धनु उरग बिलाई।।
भयदायक खल कै प्रिय बानी। जिमि अकाल के कुसुम भवानी।।

ये है इस चौपाई का लाइफ मैनेजमेंट

  • रावण को इस प्रकार झुके हुए देखकर मारीच सोचता है कि किसी नीच व्यक्ति का नमन करना भी दुखदाई होता है।
  • मारीच रावण का मामा था, लेकिन रावण राक्षसराज और अभिमानी था। वह बिना कारण किसी के सामने झुक नहीं सकता था।
  • मारीच ये बात जानता था और उसका झुकना किसी भयंकर परेशानी का संकेत था। तब भयभीत होकर मारीच ने रावण को प्रणाम किया।
  • मारीच सोचता है कि जिस प्रकार कोई धनुष झुकता है तो वह किसी के लिए मृत्यु रूपी बाण छोड़ता है।
  • जैसे कोई सांप झुकता है तो वह डंसने के लिए झुकता है। जैसे कोई बिल्ली झुकती है तो वह अपने शिकार पर झपटने के लिए झुकती है।
  • ठीक इसी प्रकार रावण भी मारीच के सामने झुका था। किसी नीच व्यक्ति की मीठी वाणी भी बहुत दुखदायी होती है।
  • यह ठीक वैसा ही है जैसे बिना मौसम का कोई फल। मारीच अब समझ चुका था कि भविष्य में उसके साथ कुछ बुरा होने वाला है।
     
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