रंगों से हमारा गहरा नाता केवल संस्कृति और जीवन तक ही सीमित नहीं है, वह हमारे ज्ञान-विज्ञान में भी शामिल है। यही कारण है कि रंगों से हमारा स्वभाव भी पहचाना जाता है।

उज्जैन. हर रंग हमें लाइफ मैनेजमेंट के कुछ सूत्र भी सीखाता है। होली (10 मार्च, मंगलवार) के मौके पर जानिए रंगों से जुड़े लाइफ मैनेजमेंट के इन सूत्रों को-

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लाल रंग
ये रंग हमें प्रेम, उत्साह, उमंग, साहस, शक्ति और लगन से काम करने की सीख देता है। यही गुण हमारी सफलता भी निश्चित करता है।

नारंगी रंग 
यह रंग जोश, आनंद, आकर्षण व दोस्ती का प्रतीक है। जीवन में ये गुण सफलता की ओर ले जाते हैं।

पीला रंग
पीला रंग दूरदर्शिता, कुशाग्रता से काम करने और दूसरों को प्रेरित करने की सीख देता है।

हरा रंग
यह रंग प्रकृति का प्रतीक है। हमें प्रकृति की तरह सहनशील, उदार और निरंतर उद्यमी बनना चाहिए, तभी धन, भाग्य, सुख-समृद्धि, उपलब्धियां मिलती हैं।

नीला रंग
नीला रंग शांति, समर्पण व प्रेरणा का प्रतीक है। हमारे अंदर जब ये गुण आते हैं, तो व्यक्तित्व उभरता है।

बैंगनी रंग
ये रंग अध्यात्म और बुद्धिमानी का प्रतीक है। अध्यात्म हमें ज्ञान की ओर ले जाता है। यही गुण हमें समाज में प्रतिष्ठा दिलाते हैं।

गुलाबी रंग
यह प्रेम, दोस्ती, स्नेह, शांति, परिपूर्णता का रंग है। प्रेम, स्नेह, दोस्ती से जीवन में उत्साह-उमंग का संचार होता है।

फिरोजी रंग
ये रंग सतर्कता व रचनात्मकता का प्रतीक है। यानी हम जो भी काम करें वह सतर्कता से करें, उसमें रचनात्मकता भी हो।

सुनहरा रंग
यह भाईचारे व अच्छे विचार का प्रतीक रंग है। ये रंग हमें सीखाता है कि जीवन में हम कभी कोई काला (बुरा) काम न करें।