माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पचंमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 16 फरवरी, मंगलवार को है।

उज्जैन. धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी तिथि पर ज्ञान और बुद्धि की देवी सरस्वती प्रकट हुई थी। इस तिथि को साल के 4 अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है। इस बार वसंत पंचमी का पर्व कई शुभ योगों में मनाया जाएगा।

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3 शुभ योगों से बढ़ेगा महत्व
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, 16 फरवरी को वसंत पंचमी पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि के साथ रवि योग भी रहेगा। इन 3 शुभ योगों के होने से इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाएगा। इस पर्व को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है यानी इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे भी किया जा सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन खरीदी करना भी शुभ होता है। इस दिन खरीदी कई चीजें लंबे समय तक चलती हैं।

इस दिन 4 बड़े ग्रह भी एक ही राशि में रहेंगे
वसंत पंचमी पर 4 बड़े ग्रह बुध, शुक्र, गुरु और शनि मकर राशि में रहेंगे। इन 4 ग्रहों के एक ही राशि में होने से चतुर्ग्रही योग बनेगा। इसका शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। ऐसा संयोग सालों में एक बार बनता है जब चतुर्ग्रही योग में वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है।

वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन आपको माता सरस्वती की पूजा के लिए कुल 05 घंटे 47 मिनट का समय मिलेगा। आपको इसके मध्य ही सरस्वती पूजा करनी चाहिए। 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बीच सरस्वती पूजा का मुहूर्त बन रहा है।

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