उज्जैन. विदुर नीति आज के समय में भी प्रासंगिक है। महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों में बताया है कि वे कौन-से 8 गुण हैं, जिनसे मनुष्य की प्रशंसा होती है-

श्लोक
अष्टौ गुणा: पुरुषं दीपयन्ति, प्रज्ञा च कौल्यं च दम: श्रतुं च!
पराक्रमश्चबहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च॥

अर्थ- निम्नलिखित आठ गुणों से मनुष्य की बहुत प्रशंसा होती है- 1. बुद्धि, 2. कुलीनता, 3. मन का संयम, 4. ज्ञान, 5. बहादुरी, 6. कम बोलना, 7. दान देना और 8. दूसरे के उपकार को याद रखना।

1. बुद्धि
जो व्यक्ति अपनी बुद्धि का सही तरीके से उपयोग करना जानता है, वह अपनी लाइफ में बहुत सक्सेस पाता है। जो व्यक्ति बिना सोच-समझे कोई काम करता है, उसे अक्सर असफलता का मुंह देखना पड़ता है।

2. कुलीन या अच्छा व्यवहार करने वाला
जिस व्यक्ति का व्यवहार सरल और सहज होता है, वह भी अपने इस नेचर के कारण प्रसिद्धि पा सकता है। जबकि इसके उलट व्यवहार करने वाला व्यक्ति कभी किसी का प्रिय नहीं होता।

3. मन का संयम रखने वाला
जो व्यक्ति अपने मन यानी इंद्रियों को नियंत्रण में रखता है, वह साधु के समान होता है। ऐसा व्यक्ति महान गुरु बनकर भटके हुए मनुष्यों को रास्ता दिखाता है। यही काम करते हुए वह प्रशंसा और प्रसिद्धि पा सकता है।

4. ज्ञान
ज्ञान यानी नॉलेज। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान होता है, वह हर समस्या का सामना कर लेता है। साथ ही वह लोगों को सही सलाह देकर उनकी परेशानियां भी कम करता है। ऐसे लोग अपने नॉलेज के दम पर अलग जगह बनाते हैं और प्रशंसा पाते हैं।

5. पराक्रमी यानी बहादुर
जो व्यक्ति पराक्रमी यानी बहादुर होता है वह अपने दम पर प्रसिद्धि पाता है। विषम परिस्थिति में भी ऐसे लोग घबराते नहीं है और दूसरों की भी मदद करते हैं। इनका यही काम इन्हें लोकप्रिय बनाता है।

6. कम बोलने वाला
जो व्यक्ति हमेशा सोच-समझकर बोलता है, कब क्या बोलना है यह जानता है, वह अपनी लाइफ में काफी प्रसिद्ध होता है। जो ज्यादा बोलते हैं, कब क्या बोलना है यह नहीं जानते, उनका कोई सम्मान नहीं करता।

7. क्षमता के अनुसार दान
हिंदू धर्म में दान करना अनिवार्य माना गया है। जो व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार दान करता है वह अपनी लाइफ में सक्सेस भी होता है और फेम भी पाता है।

8. दूसरों का उपकार याद रखने वाले
जीवन में कभी न कभी सभी को मदद की जरूर पड़ती है। जो लोग मदद करने वाले को भूल जाते हैं, उन्हें अपने जीवन में हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत जो लोग मदद करने वाले को हमेशा याद रखते हैं और उनके सुख-दुख में साथ देते हैं, वे भी प्रसिद्धि पाते हैं।