Ganesh Utsav: गणपति को क्यों चढ़ाते हैं दूर्वा, कैसे टूटा इनका एक दांत? ये हैं श्रीगणेश से जुड़ी 5 मान्यताएं

Published : Sep 14, 2021, 09:56 AM ISTUpdated : Sep 14, 2021, 11:53 AM IST
Ganesh Utsav: गणपति को क्यों चढ़ाते हैं दूर्वा, कैसे टूटा इनका एक दांत? ये हैं श्रीगणेश से जुड़ी 5 मान्यताएं

सार

इन दिनों गणेश उत्सव की धूम पूरे देश में है। प्रमुख गणेश मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्राचीन समय में इसी तिथि पर भगवान गणेश प्रकट हुए थे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए गणेश जी से जुड़ी ऐसी ही कुछ मान्यताएं और उनसे जुड़े फैक्ट्स...

उज्जैन. पूजन में कई तरह की चीजें गणेश जी को चढ़ाई जाती है, लेकिन ध्यान रखें तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाना चाहिए। गणेश जी का को एकदंत कहा जाता है, क्योंकि उनका एक दांत टूटा हूआ है। गणेशजी से जुड़ी कई परंपराएं और मान्यताएं और कथाएं हमारे समाज में प्रचलित हैं। इनमें से कुछ मान्यताओं के पीछे वैज्ञानिक तो कुछ के पीछे मनोवैज्ञानिक पक्ष छिपा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए गणेश जी से जुड़ी ऐसी ही कुछ मान्यताएं और उनसे जुड़े फैक्ट्स...

क्यों चढ़ाते हैं श्रीगणेश को दूर्वा?
एक खास प्रकार की घास है दूर्वा। गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं, इस संबंध में एक कथा इस प्रकार है- पौराणिक समय में अनलासुर राक्षक के आतंक से सभी बहुत परेशान हो गए थे। तब देवराज इंद्र, अन्य देवता और प्रमुख ऋषि-मुनि महादेव के पास पहुंचे। शिवजी ने कहा कि ये काम सिर्फ गणेश ही कर सकते हैं। इसके बाद सभी देवता और ऋषि-मुनि भगवान गणेश के पास पहुंचे। देवताओं की प्रार्थना सुनकर गणपति अनलासुर से युद्ध करने पहुंचे और उसे निगल लिया। इसके बाद गणेश जी के पेट में बहुत जलन होने लगी। जब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठें बनाकर गणेश जी को खाने के लिए दी। जैसे ही उन्होंने दूर्वा खाई, उनके पेट की जलन शांत हो गई। तभी से भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।

गणपति की सवारी मूषक क्यों है?
एक बार असुर मूषक यानी चूहे के रूप में पाराशर ऋषि के आश्रम में पहुंच गया और पूरा आश्रम कुतर-कुतर कर नष्ट कर दिया। आश्रम के सभी ऋषियों ने गणेश जी से मूषक का आतंक खत्म करने की प्रार्थना की। गणेश जी वहां प्रकट हुए और उन्होंने अपना पाश फेंककर मूषक को बंदी बना लिया और अपना वाहन बना लिया। जैसे ही गणेश जी उसके ऊपर सवार हुए तो वह दबने लगा। उसने फिर गणेश जी से प्रार्थना की कि कृपया मेरे अनुसार अपना वजन करें। तब गणेश जी ने मूषक के अनुसार अपना भार कर लिया। तब से मूषक गणेश जी का वाहन है।

श्रीगणेश को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते हैं?
पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी ने भगवान गणेश से विवाह करने की प्रार्थना की थी, लेकिन गणेशजी ने मना कर दिया। इस वजह से तुलसी क्रोधित हो गईं और उसने गणेश जी को दो विवाह होने का शाप दे दिया। इस श्राप की वजह से गणेशजी क्रोधित हो गए और उन्होंने तुलसी को श्राप देते हुए कहा कि तुम्हारा विवाह एक असुर से होगा। यह सुनकर तुलसी दुःखी हो गई और क्षमा मांगने लगी। तब गणेशजी ने कहा कि तुम्हारा विवाह असुर से होगा, लेकिन तुम भगवान विष्णु को प्रिय रहोगी। तुमने मुझे श्राप दिया है, इस वजह से मेरी पूजा में तुलसी वर्जित ही रहेगी।

गणेशजी का एक दांत कैसे टूटा?
एक दिन परशुराम शिव जी से मिलने कैलाश पर्वत पहुंचे। बाल गणेश ने परशुराम को शिव जी से मिलने से रोक दिया, क्योंकि उस समय शिव जी विश्राम कर रहे थे। इस बात से क्रोधित होकर परशुराम ने अपने फरसे से गणेश जी का दांत काट दिया था। गणेश जी ने परशुराम के फरसे के प्रहार का विरोध नहीं किया, क्योंकि ये फरसा शिव जी ने ही उन्हें भेंट किया था। फरसे का प्रहार खाली न जाए, इसीलिए गणेश जी ने इस वार को अपने दांत पर झेल लिया और दांत टूट गया। इसके बाद से गणेश जी एकदंत कहलाए।

गणेशजी को क्यों प्रिय हैं मोदक?
एक कथा के अनुसार माता अनसूया ने गणेश जी को अपने यहां भोजन के लिए आमंत्रित किया था। उस समय वे खाना खाते ही जा रहे थे, लेकिन उनका पेट ही नहीं भर रहा था। तब माता अनसूया ने मोदक बनाए। मोदक खाते ही गणेश जी तृप्त हो गए। तभी से उन्हें मोदक का भोग लगाने की परंपरा प्रचलित हुई है।

गणेश उत्सव बारे में ये भी पढ़ें

Ganesh Utsav: परिवार के देवता हैं भगवान श्रीगणेश, उनसे सीखें फैमिली को कैसे रख सकते हैं एकजुट

Ganesh Utsav: केरल में नदी के तट पर स्थापित है 10वीं शताब्दी का प्रसिद्ध गणेश मंदिर, बहुत रोचक है इसकी मान्यता

Ganesh Utsav 2021: दंतेवाड़ा की पहाड़ी पर स्थित है श्रीगणेश की ये 1 हजार साल पुरानी दुर्लभ प्रतिमा

Life Management के आयकॉन हैं श्रीगणेश, उनसे हम भी सीख सकते हैं सफल जीवन के मंत्र

Ganesh Utsav 2021: इंडोनेशिया में सुलगते ज्वालामुखी के मुहाने पर 700 सालों से स्थित है ये गणेश प्रतिमा

Ganesh Chaturthi: 10 से 19 सितंबर तक मनाया जाएगा गणेश उत्सव, इस दौरान हर दिन बन रहे हैं शुभ योग

Ganesh Utsav: तमिलनाडु के इस शहर में 273 फुट ऊंचे पर्वत पर है श्रीगणेश का ये मंदिर, विभीषण से जुड़ी है इसकी कथा

Ganesh Chaturthi: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की पूजा से मिलते हैं शुभ फल, कितनी बड़ी होनी चाहिए मूर्ति, कैसे बनाएं?

Ganesh Chaturthi पर बन रहा है ग्रहों का विशेष संयोग, जानिए 12 राशियों पर क्या होगा असर

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम