
बिजनेस डेस्क। फ्यूचर ग्रुप (Future Group) के सीईओ किशोर बियानी (Kishore Biyani) ने कहा है कि अमेजन (Amazon) को कई बार इस बात की जानकारी दी गई कि कंपनी नकदी के संकट से जूझ रही है, लेकिन उसने कोई मदद नहीं की। बियानी का कहना है कि अमेजन का फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस (Retail Business) से कोई लेना-देना नहीं है। किशोर बियानी ने कहा है कि अमेजन का निवेश सिर्फ फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड (Future Coupons Pvt.Limited) में है और उसे रिलायंस से हो रही डील की पहले से पूरी जानकारी थी।
दो महीने में पूरी होगी डील
किशोर बियानी ने यह उम्मीद जताई है कि सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से मंजूरी मिलने के 2 महीने के भीतर फ्यूचर की रिलायंस रिटेल के साथ डील पूरी हो जाएगी। रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपए में फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस का सौदा करने के बाद अमेजन से कानूनी लड़ाई पर किशोर बियानी ने यह साफ तौर पर कहा कि अमेजन का निवेश सिर्फ फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड में है, जो कूपन और गिफ्ट के बिजनेस से संबंधित है। उसका फ्यूचर के रिटेल बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है।
अमेजन को डील की थी जानकारी
किशोर बियानी ने यह भी कहा कि अमेजन को फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस के बीच हो रहे सौदे की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब कंपनी नकदी के संकट से जूझ रही थी, तब उन्होंने अमेजन से संपर्क किया था। किशोर बियानी ने कहा कि उन्हें अमेजन की तरफ से कोई समाधान नहीं मिला। हालांकि, अमेजन ने इससे इनकार किया है।
रिलायंस- फ्यूचर डील को मिली CCI की मंजूरी
रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील को लेकर अमेजन से चल रही कानूनी लड़ाई पर सुनवाई इस महीने के अंत में फिर से शुरू होनी है। फ्यूचर ग्रुप ने सेबी से उसके और रिलायंस के बीच हुई डील का रिव्यू जल्दी करने का आग्रह किया है। किशोर बियानी ने सेबी से इसके रिव्यू तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने को कहा है, वहीं अमेजन ने इस सौदे को रद्द करने की मांग की है। बता दें कि इस सौदे को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से मंजूरी मिल चुकी है।
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News