
बिजनेस डेस्क. भारतीय रेलवे वंदे भारत ट्रेनों को बढ़ाने की तैयारी में लगा हुआ है। लेकिन अब ये खबर आ रही है कि रेल विभाग ने 100 वंदे भारत ट्रेनों की मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस के लिए निकाले गए 30 हजार करोड़ के टेंडर को कैंसिल कर दिया है। इसकी जानकारी एल्सटॉम इंडिया के एमडी ओलिवियर लोइसन ने दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी भारत में काफी इन्वेस्ट किया है। ऐसे में आने वाले समय में मौका मिलने पर इस प्रोजेक्ट में मदद करने के लिए तैयार है।
इसलिए कैंसिल हुई ये डील
रेलवे डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, फ्रांस की कंपनी एल्टॉस ने टेंडर पैनल में सबसे ज्यादा बोली लगाई थी। उस कंपनी ने 150.9 करोड़ रुपए प्रति ट्रेन सेट की कीमत बताई थी। लेकिन रेलवे को इसके लिए 140 करोड़ से ज्यादा नहीं देने थे। इसके बाद एल्सटॉम 145 करोड़ रुपए में राजी हो गई थी। फिर 30 हजार करोड़ रुपए के टेंडर के लिए सबसे कम बोली इसी कंपनी ने लगाई लेकिन ये डील कैंसिल हो गई। इस कॉन्ट्रैक्ट के कैंसिल होने से कम कीमत पर ट्रेन की डिलीवरी मिल सकती है। साथ ही डील के लिए कुछ और वक्त भी मिल जाएगा।
जानें कितनी है एक वंदे भारत की कीमत
जुलाई 2023 में एल्सटॉम कंपनी के CEO हेनरी पुपार्ट ने कहा था कि हमारी कंपनी इस प्रोजेक्ट में नई एल्युमिनियम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। 200 स्टेनलेस स्टील वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनाने का कॉन्ट्रैक्ट 120 करोड़ रुपए में दिया गया था। आपको बता दें कि उस वक्त सिर्फ दो कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया था।
मेंटेनेंस के लिए 17 हजार करोड़ का बजट
रेलवे विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट के टर्म एंड कंडीशन में ट्रेन सेट देने पर 13 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। वहीं 35 सालों के मेंटेनेंस के लिए 17 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। वहीं कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक, टेंडर भरने वाली कंपनियों के पास रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट होना जरूरी है। साथ ही हर साल कम से कम पांच ट्रेनें बना सकें।
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