इंश्योरेंस कस्टमर से ठगी कैसे हो रही है?
ठग कॉल करके ठग खुद को इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट बताते हैं, बातें इतनी प्रोफेशनल होती हैं कि सामने वाला शक भी नहीं करता और कुछ ही मिनटों में पैसा ट्रांसफर कर देता है। दरअसल, इंश्योरेंस से जुड़ी ठगी दो चीजों पर चलती है अधूरी जानकारी और जल्दी का दबाव। फर्जी कॉल करने वालों के पास कई बार पॉलिसी नंबर, एक्सपायरी डेट या बोनस जैसी बेसिक डिटेल्स होती हैं। यही सुनकर सामने वाला सोचता है कि कॉल असली है। फिर कॉलर अचानक कहता है, 'आज ही रिन्यू नहीं किया तो बोनस खत्म हो जाएगा' या 'पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तुरंत पेमेंट करें।' जल्दबाज़ी में लोग वेरिफिकेशन करना भूल जाते हैं।