ALERT! सिर्फ एक कॉल और सालों की कमाई साफ, जानें इंश्योरेंस स्कैम से कैसे बचें

Published : Jan 08, 2026, 01:21 PM IST

Fake Insurance Call Scam Alert: अगर आपको भी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर कॉल आ रही है, तो सावधान हो जाएं। नोएडा में हाल ही में पकड़े गए फर्जी इंश्योरेंस कॉल सेंटर से पता चला है कि कैसे ठग पॉलिसी होल्डर्स को फंसा रहें और उनके पैसे उड़ा रहे हैं।

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इंश्योरेंस कस्टमर से ठगी कैसे हो रही है?

ठग कॉल करके ठग खुद को इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट बताते हैं, बातें इतनी प्रोफेशनल होती हैं कि सामने वाला शक भी नहीं करता और कुछ ही मिनटों में पैसा ट्रांसफर कर देता है। दरअसल, इंश्योरेंस से जुड़ी ठगी दो चीजों पर चलती है अधूरी जानकारी और जल्दी का दबाव। फर्जी कॉल करने वालों के पास कई बार पॉलिसी नंबर, एक्सपायरी डेट या बोनस जैसी बेसिक डिटेल्स होती हैं। यही सुनकर सामने वाला सोचता है कि कॉल असली है। फिर कॉलर अचानक कहता है, 'आज ही रिन्यू नहीं किया तो बोनस खत्म हो जाएगा' या 'पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तुरंत पेमेंट करें।' जल्दबाज़ी में लोग वेरिफिकेशन करना भूल जाते हैं।

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फर्जी पॉलिसी के चक्कर में कौन ज्यादा फंस रहा है?

ज्यादातर मामलों में निशाना होते हैं सीनियर सिटीजन या वे लोग जिनकी पॉलिसी काफी पुरानी या लैप्स हो चुकी होती है। ऐसे लोग बोनस, मैच्योरिटी या आसान रिन्यूअल की बात सुनकर जल्दी भरोसा कर लेते हैं। ठग इसी भरोसे का फायदा उठाते हैं।

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कॉल असली है या फर्जी, कैसे पहचानें?

कोई भी असली इंश्योरेंस कंपनी बोनस या पैसा रिलीज करने के लिए पहले पेमेंट नहीं मांगती। अगर कॉलर बार-बार कहे कि अभी पैसा भेजिए नहीं तो नुकसान हो जाएगा, तो ये बड़ा रेड फ्लैग है। इसके अलावा, अगर आपको किसी पर्सनल बैंक अकाउंट या अनजान यूपीआई पर पैसे भेजने को कहा जाए, या कॉल किसी अजनबी नंबर से आए, तो समझ जाइए कॉल फर्जी हो सकती है।

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असली कॉल की पहचान कहां करें?

किसी भी कॉल पर भरोसा करने से पहले इंश्योरेंस कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कस्टमर केयर नंबर से संपर्क करें। आप चाहें तो कंपनी की मोबाइल ऐप या नजदीकी ब्रांच में जाकर भी कन्फर्म कर सकते हैं। असल कंपनियां आमतौर पर मेल, मैसेज या रजिस्टर्ड चैनल से जानकारी देती हैं, न कि डराने वाली कॉल से।

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शक हो तो क्या करें?

अगर कॉल संदिग्ध लगे, तो बिना बहस किए फोन काट दें। उस नंबर को अपनी इंश्योरेंस कंपनी और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें। सबसे जरूरी बात, कितना भी प्रोफेशनल क्यों न लगे, OTP, कार्ड डिटेल्स या बैंक जानकारी कभी शेयर न करें।

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