
मुंबई: सूचना प्रौद्योगिकी और बैंक शेयरों में गिरावट से शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज हुई। वृद्धि की चिंता के बीच निवेशक अपने पोर्टफोलियो का विस्तार नहीं कर रहे हैं, जिससे बाजार में गिरावट कायम रही। बई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिनभर कमजोर रहने के बाद अंत में 215.76 अंक या 0.53 प्रतिशत के नुकसान से 40,359.41 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 40,276.83 अंक के निचले स्तर तक गया और इसने 40,653.17 अंक का उच्चस्तर भी छुआ।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 54 अंक या 0.45 प्रतिशत के नुकसान से 11,914.40 अंक पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स मात्र 2.72 अंक और निफ्टी 18.95 अंक लाभ में रहा है।
इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक
सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक 2.89 प्रतिशत टूटा। टीसीएस, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल और एचसीएल टेक के शेयर भी गिरावट के रुख के साथ बंद हुए। अमेरिकी कर्मचारियों के संरक्षण के लिए अमेरिका द्वारा कार्य वीजा जरूरतों में बदलाव की खबरें हैं। इन खबरों से आईटी शेयरों में गिरावट आई।
वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील का शेयर 3.74 प्रतिशत चढ़ गया। एनटीपीसी में 2.35 प्रतिशत, वेदांता में 2.27 प्रतिशत और ओएनजीसी में 2.18 प्रतिशत का लाभ रहा।
एच1बी के नियम सख्त किए जाने की से बाजार में चिंता
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बड़ी कंपनियों के शेयरों में ऊंचे मूल्यांकन की वजह से बाजार ऊपर की ओर है। इस वजह से बड़े शेयरों को और आगे बढ़ने की गुंजाइश नहीं मिल रही है। अब सभी की निगाह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़ों पर है जो अगले सप्ताह आने है। रिजर्व बैंक द्वारा इन आंकड़ों की व्याख्या और संभवत: अपने रुख को नरम से तटस्थ करने से बाजार की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।’’
उन्होंने कहा कि इसके अलावा अमेरिका में पेशेवर नौकरियों के लिए अस्थायी वीजा एच1बी के नियम सख्त किए जाने की खबरों से भी बाजार में चिंता है।
चीन के शंघाई में गिरावट
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.14 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का तोक्यो तथा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे। वहीं चीन के शंघाई में गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में चल रहे थे।
इस बीच, अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया मामूली गिरावट के साथ 71.79 प्रति डॉलर पर चल रहा था। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.03 प्रतिशत के नुकसान से 63.95 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News