Economic Survey 2024-25:शिक्षा क्षेत्र में सुधार की बयार, स्कूल छोड़ने की दर घटी

Published : Jan 31, 2025, 06:07 PM ISTUpdated : Jan 31, 2025, 06:09 PM IST
Economic Survey 2024-25 highlights

सार

आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, भारत की शिक्षा प्रणाली में अभूतपूर्व बदलाव हो रहे हैं। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक, तकनीक और नीतियों से शिक्षा को नई दिशा मिल रही है। करोड़ों छात्रों और लाखों स्कूलों के आंकड़े इस बदलाव की कहानी बयां करते हैं।

Economic Survey 2024-25: भारत का शिक्षा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 इस बदलाव का सटीक उदाहरण है। संसद में पेश इस सर्वेक्षण ने भारत में शिक्षा की दुनिया में हो रहे बड़े बदलावों की तस्वीर पेश की है। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक, तकनीकी सुधार और नई नीतियों के तहत शिक्षा को हर स्तर पर सशक्त बनाया जा रहा है। सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी कोर्सेज और डिजिटल संसाधनों का बढ़ता हुआ इस्तेमाल, भारत के शिक्षा क्षेत्र को एक नई दिशा दे रहा है।

24.8 करोड़ छात्रों को 14.72 लाख स्कूलों में मिल रही शिक्षा

आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में बताया गया है कि भारत की स्कूल शिक्षा प्रणाली 24.8 करोड़ छात्रों को 14.72 लाख स्कूलों में शिक्षा प्रदान कर रही है, जिसमें 98 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 69 प्रतिशत सरकारी स्कूल हैं, जो 50 प्रतिशत छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं और 51 प्रतिशत शिक्षक रखते हैं, जबकि 22.5 प्रतिशत निजी स्कूल हैं, जो 32.6 प्रतिशत छात्रों को शिक्षा देते हैं और 38 प्रतिशत शिक्षक नियुक्त करते हैं।

हायर एजुकेशन संस्थानों में वृद्धि

हायर एजुकेशन संस्थानों (HEIs) की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014-15 में जहां ये 51,534 थे, वहीं 2022-23 में ये बढ़कर 58,643 हो गए। सर्वे के अनुसार, 2023 में IITs की संख्या 23 थी, जबकि 2014 में ये 16 थे। IIMs की संख्या 2014 में 13 थी, जो 2023 में बढ़कर 20 हो गई। 2013-14 में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो 2024-25 में बढ़कर 780 हो गए हैं। इसी तरह, विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 में 723 थी, जो 2024 में बढ़कर 1,213 हो गई है।

ये भी पढ़ें- निर्मला सीतारमण ने अब तक कितने बजट पेश किए? पूरी लिस्ट और खासियत

स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट बढ़े

आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता 2019-20 में 38.5 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 57.2 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा 2019-20 में 22.3 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 53.9 प्रतिशत हो गई है।

ये भी पढ़ें- अंजलि पिचाई की वो एक सलाह, जिसने सुंदर पिचाई का करियर बदल दिया

स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी

स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है, जो हाल के वर्षों में बुनियादी सुविधाओं और सूचना-प्रौद्योगिकी (ICT) की उपलब्धता में सुधार के कारण घट रही है। प्राथमिक स्तर पर छोड़ने की दर 1.9 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक स्तर पर 5.2 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 14.1 प्रतिशत रही है।

नई तकनीकों के अनुरूप शिक्षा में बदलाव

नई तकनीकों के अनुरूप शिक्षा में बदलाव हो रहे हैं। विभिन्न शैक्षिक संस्थान अब नई तकनीकी क्षेत्रों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), से संबंधित पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं। इस दिशा में, शिक्षकों की क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें 21वीं सदी की जरूरतों के लिए तैयार करने के लिए सरकार ने 'TeacherApp' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया कि वित्तीय साक्षरता और कौशल को बढ़ावा देने के लिए 'पीयर टीचिंग' जैसे इनोवेशन को अपनाया जा रहा है। यह सर्वेक्षण इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा और मानव संसाधन विकास ही देश के विकास के प्रमुख स्तंभ हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित है।

ये भी पढ़ें- जानिए किसे कहते हैं भारत का 'सिटी ऑफ नॉलेज', इकलौता शहर जहां हैं 25 यूनिवर्सिटीज

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

Recommended Stories

UGC Fake University List: एडमिशन से पहले सावधान! 32 यूनिवर्सिटी फर्जी घोषित, यहां देखें लिस्ट
Best CBSE Schools in Ranchi: रांची के टॉप 5 सीबीएसई स्कूल, रिजल्ट और फैसिलिटी में नंबर वन