आप जानते हैं "अंधे को क्या चाहिए दो आंखें" का मतलब? 6 कठिन मुहावरे और अर्थ

Published : Dec 03, 2024, 10:00 AM IST
Interesting muhavare

सार

कंपीटिटिव एग्जाम्स में पूछे जाने वाले कुछ कठिन क्षेत्रीय मुहावरों और उनके अर्थों को समझें। 'आगे की सोच' से लेकर 'नया जोड़ी बनाना' तक, जानिए इन रोचक मुहावरों का सही उपयोग।

Muhavare: कंपीटिटिव एग्जाम्स जैसे UPSC, SSC, बैंक एग्जाम्स और अन्य सरकारी नौकरी परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान (GK) और भाषा की समझ को परखने के लिए अक्सर कठिन क्षेत्रीय मुहावरों (Regional Idioms) के सवाल पूछे जाते हैं। इन मुहावरों का सही अर्थ जानना और उनका सही संदर्भ में उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। मुहावरे न केवल हमारे दैनिक जीवन की बातचीत को दिलचस्प बनाते हैं, बल्कि ये भाषा की गहरी समझ को भी दर्शाते हैं। कंपीटिटिव परीक्षाओं में मुहावरों से संबंधित सवालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम ना सिर्फ इनके शाब्दिक अर्थ को समझें, बल्कि इनके प्रयोग को भी सही तरीके से जानें। जानिए कुछ कठिन और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुहावरों को विस्तार से, जो कंपीटिटिव एग्जाम्स में पूछे जा सकते हैं।

मुहावरा- "आगे की सोच" (Aage ki soch)

मुहावरे का अर्थ: भविष्य की स्थिति को समझकर योजना बनाना। यह मुहावरा उस व्यक्ति के बारे में कहा जाता है जो केवल वर्तमान परिस्थितियों पर ध्यान न देकर भविष्य की संभावनाओं और परिस्थितियों को समझकर फैसले लेता है। जैसे, कोई व्यक्ति यदि अपनी पढ़ाई के साथ-साथ करियर की योजना बना रहा हो तो इसे "आगे की सोच" माना जाता है।

मुहावरा- "नकली आंसू बहाना" (Nakli aansu bahana)

मुहावरे का अर्थ: दिखावे के लिए रोना या किसी को धोखा देना। यह मुहावरा तब इस्तेमाल होता है जब कोई व्यक्ति अपनी सच्ची भावनाओं को छुपाकर झूठी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए आंसू बहाता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति जो किसी समस्या में खुद जिम्मेदार न होकर दूसरों को दोष दे रहा हो, वह "नकली आंसू बहा रहा होता है।"

मुहावरा-"अंधे को क्या चाहिए दो आंखें" (Andhe ko kya chahiye do aankhen)

मुहावरे का अर्थ: जब किसी को आवश्यकता के हिसाब से कुछ ज्यादा ही मिल जाए। यह मुहावरा तब कहा जाता है जब किसी को उसकी जरूरत से कहीं ज्यादा चीज मिल जाए। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी गरीब को अचानक बहुत सारी संपत्ति मिल जाए, तो इसे "अंधे को दो आंखें" कहा जाएगा। यह मुहावरा कभी-कभी हास्यजनक संदर्भ में भी इस्तेमाल होता है।

मुहावरा- "अपनी खिचड़ी पकाना" (Apni khichdi pakana)

मुहावरे का अर्थ: अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए काम करना। जब कोई व्यक्ति केवल अपनी भलाई के लिए किसी कार्य को करता है, तो उसे "अपनी खिचड़ी पकाना" कहा जाता है। यह मुहावरा उस स्थिति में प्रयोग होता है जब किसी का उद्देश्य अपनी व्यक्तिगत या स्वार्थपूर्ण लाभ को प्राप्त करना होता है।

मुहावरा- "चोरी पकड़ी जाए तो साहब ने दिया" (Chori pakdi jaaye to sahib ne diya)

मुहावरे का अर्थ: कोई गलत काम या धोखाधड़ी पकड़े जाने पर, उस पर आरोप न लगाना। यह मुहावरा तब उपयोग होता है जब किसी की गलत हरकत सामने आ जाए और वह बिना शर्म के दूसरों पर आरोप लगा देता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कर्मचारी चोरी करता है और जब पकड़ा जाता है तो वह आरोप लगाता है कि उसके बॉस ने यह काम कराया था, तो इसे इस मुहावरे से बताया जाता है।

मुहावरा- "नया जोड़ी बनाना" (Naya jodi banana)

मुहावरे का अर्थ: दो व्यक्तियों या समूहों का मिलकर काम करना। यह मुहावरा तब प्रयोग होता है जब दो अलग-अलग व्यक्ति या समूह मिलकर एक नई साझेदारी या योजना बनाते हैं। यह किसी नए रिश्ते या गठजोड़ को दिखाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे राजनीति में नए गठबंधन बनाना।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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