कौन है ये भारतीय सेना की जांबाज अफसर, जिसे मिली दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में तैनाती 

Published : Jan 04, 2023, 10:34 AM ISTUpdated : Jan 04, 2023, 10:55 AM IST
कौन है ये भारतीय सेना की जांबाज अफसर, जिसे मिली दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में तैनाती 

सार

राजस्थान की रहने वाली कैप्टन शिवा चौहान ने 11 साल की छोटी सी उम्र में पिता को खो दिया था। मां ने ही उनकी परवरिश की। उदयपुर से ही उनकी स्कूली शिक्षा हुई और यहीं से उन्होंने इंजीनियरिंग किया। 

करियर डेस्क। इंडियन आर्मी अफसर यानी भारतीय सेना में अधिकारी कैप्टन शिवा चौहान ऐसी पहली महिलाअफसर बन गई हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में सक्रिय रूप से तैनात किया गया है। राजस्थान की रहने वाली बंगाल सैपर्स अफसर शिवा को तैनाती सियाचिन बैटल स्कूल में अन्य सैनिकों के साथ एक महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद दी गई है। कैप्टन शिवा की टीम कई फाइटर इंजीनयिरंग वर्क्स के लिए जिम्मेदार होगी। 

कैप्टन शिवा की स्कूली शिक्षा उदयपुर में हुई। इसके बाद उदयपुर में ही एनजेआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। 11 साल की छोटी सी उम्र में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। शिवा की मां जो कि एक गृहणी हैं, ने शिवा की पढ़ाई-लिखाई न सिर्फ जारी रखी बल्कि, अच्छी परवरिश भी की। शिवा को बचपन से ही इंडियन आर्म्ड फोर्स में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था। यही नहीं शिवा ने भी चेन्नई में ओटीए ट्रेनिंग के दौरान गजब का उत्साह दिखा गया था। 

सियाचिन वार मेमोरियल से कारगिल वार मेमोरियल तक साइकिलिंग की 
शिवा को मई 2021 में इंजीनयर रेजिमेंट में नियुक्त मिली थी। एक साल की सर्विस के बाद शिवा ने जुलाई 2022 में कारगिल विजय दिवस पर सियाचिन युद्ध स्मारक  से कारगिल युद्ध स्मारक तक सुरा सोई साइकिलिंग अभियान का सफलता पूर्वक नेतृत्व किया। इससे में उन्होंने धैर्य और संकल्प का प्रदर्शन करते हुए 508 किलोमीटर की दूरी तय की। कैप्टन शिवा ने तब दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र में सुरा सोई इंजीनियर रेजिमेंट के पुरुषों को लीड करने का चैलेंज लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सियाचिन बैटल स्कूल में ट्रेनिंग के लिए चुना गया। 

 

 

2 जनवरी 2023 को मिली सियाचिन ग्लेशियर पर तैनाती 
शिवा को सियाचिन बैटल स्कूल में भारतीय सेना के दूसरे अधिकारियों और सैनिकों के साथ कठिन ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें हिमस्ख्लन और दरार के समय बचाव तथा धैर्य की ट्रेनिंग, उत्तरजीविता अभ्यास यानी सरवाइवल ट्रेनिंग और बर्फ की दीवारों पर चढ़ना सिखाया गया। तमाम कठिन चुनौतियों के बावजूद शिवा ने पूरी प्रतिबद्धता से अपना ट्रेनिंग सेशन पूरा किया। सख्त ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शिवा को 2 जनवरी 2023 को सियाचिन ग्लेशियर के लिए तैनात किया गया। कैप्टन शिवा चौहान के नेतृत्व में सैपर्स की टीम अगले तीन महीने के लिए चौकी पर तैनात रहेगी। 

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