
करियर डेस्क. राजस्थान में वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड (Vedic Shiksha & Sanskar Board) का गठन किया जाएगा। ये फैसला राजस्थान सरकार का है। राज्य के तकनीकी और संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा- 4-5 महीने में वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसके लिए कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। आइए जानते हैं क्या है वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड।
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कौन सी शिक्षा दी जाएगी
मंत्री ने कहा- इस बोर्ड के द्वारा छात्रों को साइंस और योग के संबंध का ज्ञान दिया जाएगा। साथ ही वैदिक रिति रिवाज एवं संस्कार आधारित शिक्षा दी जाएगी। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कह चुके हैं। उन्होंने कहा था- राजस्थान की संस्कृति, संस्कार तथा परंपराओं से दान की प्रेरणा मिलती है।
क्या है वैदिक शिक्षा
वैदिक शिक्षा भारत की सबसे प्राचीन शिक्षा व्यवस्था है। भारत में अतीत से ही वैदिक शिक्षा का प्रचलन था। पहले वैदिक शिक्षा गुरुकुल में हुआ करती थी। यहां छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ संगीत, राजनीति, ज्योतिष, खगोल आदि के बारे में भी जानकारी दी जाती थी।
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किसलिए होगी स्थापना
राजस्थान के गौरवशाली परंपराओं को की जानकारी और रीति रिवाज के बारे में जानकारी देना। इस बोर्ड के माध्यम से छात्रों को सिखाया जाएगा कि कैसे वैदिक शिक्षा विज्ञान और योग से जुड़ी है।
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