रिसेप्‍शनिस्‍ट से पेप्सिको की CEO तक कैसे इंदिरा नूई ने पाया ये मुकाम, जानें देश की NRI बेटी की सफलता की कहानी

Published : Jan 08, 2021, 08:41 PM ISTUpdated : Jan 09, 2021, 10:39 AM IST

करियर डेस्क.16th Pravasi Bharatiya Divas 2021: शनिवार को 16वें प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस एक दिवसीय वर्चुअल सम्मेलन का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र के दौरान सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसोद संतोखी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस 16वें भारतीय भारतीय दिवस की थीम 'आत्मानिर्भर भारत का योगदान' है। हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas) भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। इस सूची में पेप्सिको कंपनी की सीईओ पद पर कार्यरत रहीं इंदिरा कृष्णमूर्ति नूई (Indira Nooyi)  को याद करना स्वभाविक है। उन्होंने अपनी अद्भुत कार्यक्षमता और लगन से इस ऊंचाई तक पहुंचकर भारत का मान बढ़ाया है। आज हम प्रवासी दिवस के मौके पर NRI इंदिरा नूई के जीवन के बारे में जानेंगे- 

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रिसेप्‍शनिस्‍ट से पेप्सिको की CEO तक कैसे इंदिरा नूई ने पाया ये मुकाम, जानें देश की NRI बेटी की सफलता की कहानी

इंदिरा नूई (Indira Nooyi)  एक वरिष्ठ बिज़नेस एग्जीक्यूटिव और 12 साल तक पेप्सिको कंपनी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रही हैं। पेप्सिको खाद्य और पेय पदार्थों की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इंदिरा नूई का नाम प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स की ‘दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं’ की सूचि में लगातार कई साल तक शामिल होता रहा। इसके अलावा वे येल कारपोरेशन में सक्सेसर फेलो, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के निदेशक बोर्ड की स्तर बी की निदेशक, कैटेलिस्ट के बोर्ड और लिंकन प्रदर्शन कला केंद्र की एक सदस्य रही हैं। इंद्रा ने यू.एस-भारत व्यापार परिषद में भी अपनी सेवाएं दी हैं। आइए जानते हैं कि वो इस मुकाम तक कैसे पहुंची? 

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भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता (आई.आई.एम. कोलकाता) से स्नात्त्कोत्तर की डिग्री हासिल करने के बाद इंद्रा नूई ने भारत में अपना करियर जॉनसन एंड जॉनसन के साथ प्रारंभ किया और प्रोडक्ट मेनेजर के तौर पर कंपनी को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने टेक्सटाइल फर्म ‘मेत्टर बर्डसेल’ के साथ भी कार्य किया। इंद्रा ने सन 1978 में अमेरिका स्थित प्रसिद्ध येल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया जहां से उन्होंने ‘पब्लिक और प्राइवेट मैनेजमेंट’ का अध्ययन किया है।

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इसके बाद उन्‍होंने दो साल भारत में काम किया। येल स्‍कूल ऑफ मैनेजमेंट में पढ़ाई के दौरान वे अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए काम करती थीं। वह नाइट शिफ्ट में रिसेप्‍शनिस्‍ट का काम करती थीं। उन्होंने रिसेप्‍शनिस्‍ट का काम इसलिए किया ताकि अपने पहले जॉब इंटरव्‍यू के दिन पहनने के लिए ड्रेस खरीद सकें। तीन नौकरियां बदलने के बाद इंद्रा नूयी आखिरकार पेपिस्‍को में गईं और वहीं सेटल हो गईं। 2001 में उन्‍हें प्रमोट कर प्रेजिडेंट बनाया गया और 2006 में वे पहली फीमेल CEO चुनी गईं। 2007 में इंद्रा नूयी को पद्म भूषण अवार्ड से सम्‍मानित किया गया था। आज भी वे हजारों भारतीयों के लिए प्रेरणा हैं।
 

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करियर

 

येल यूनिवर्सिटी में अध्ययन के दौरान उन्होंने ‘बूज एलन हैमिलटन’ में समर इंटर्नशिप भी किया। सन 1980 में उन्होंने येल से अपनी प्रबंधन की पढ़ाई पूरी की जिसके पश्चात नूई ने अमेरिका में कार्य करने का फैसला किया और बोस्टन कंसल्टेशन ग्रुप ज्वाइन कर लिया और ‘मोटोरोला’ और ‘एसिया ब्राउन बोवेरी’ जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इंद्रा ने वर्ष 1986-90 के बीच मोटोरोला कंपनी में कॉरपोरेट स्ट्रैटजी के उपाध्यक्ष के तौर पर कार्य किया और मोटोरोला के ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास की जिम्मेदारी संभाली।

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पेप्सिको में करियर

 

इंद्रा नूई सन 1994 में पेप्सिको में शामिल हुईं और सन 2001 में कंपनी का अध्यक्ष और मुख्य वित्त अधिकारी (सी.एफ.ओ.) बनायी गयीं। वे पेप्सिको की दीर्धकालिक विकास रणनीति की शिल्पकार मानी जाती हैं जिसके अंतर्गत उन्होने एक दशक से अधिक समय तक कंपनी की वैश्विक रणनीति का निर्देशन किया है। इंद्रा ने पेप्सीको के पुनर्गठन का भी नेतृत्व किया जिसमें शामिल हैं ट्रोपिकाना (1998) का अधिग्रहण और क्वेकर ओट्स कंपनी का विलय (2001)। सन 2006 में इंद्रा नूई पेप्सिको की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.इ.ओ.) बनीं। इस प्रकार वे पेप्सी के इतिहास में पांचवीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।

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इंद्रा के CEO बनने के बाद कंपनी का टर्नओवर 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया था। पेप्सिको को आगे ले जाने की इंदिरा नूई की लगभग सभी रणनीतियां सफल रही हैं और उनकी इन सब योजनाओं को निवेशक भी मिले हैं। 

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इंदिरा नूई की सैलरी

 

साल 2011 में पेप्सिको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के तौर पर इंद्रा नूई को वेतन के रूप में लगभग 1.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर दिया गया। साल 2014 तक उनका वेतन बढ़कर लगभग 1.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया था। साल 2018 में उन्होंने CEO के पद को छोड़ अमेजॉन कंपनी में बोर्ड off डायरेक्टर्स में जाने का फैसला किया। 
 

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पुरस्कार और सम्मान

 

सन 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, और 2014 में फ़ोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें ‘100 सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्ति’ की सूचि में रखा। सन 2006, 2007, 2008, 2009 और 2010 में फार्च्यून पत्रिका ने इंद्रा नूई को ‘व्यवसाय के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली महिला’ के सूचि में स्थान दिया। सन 2008 में ‘यू.एस. न्यूज़ एंड वर्ल्ड रिपोर्ट’ ने उन्हें ‘अमेरिका के सबसे बेहतरीन नेताओं’ की सूचि में रखा।

 

सन 2008 में उन्हें ‘अमेरिकन एकेडेमी ओद आर्ट्स एंड साइंसेज’ के फ़ेलोशिप के लिए चुना गया। जनुअरी 2008 में उन्हें अमेरिका–इंडिया बिज़नस कौंसिल का अध्यक्ष चुना गया।

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सन 2009 में लीडर्स ग्रुप ने उन्हें ‘सी.इ.ओ. ऑफ़ द इयर चुना। सन 2009 में सलाहकार संस्था ‘ब्रेंडन वुड इंटरनेशनल’ ने उन्हें ‘द टॉपगन ‘सी.इ.ओ.’ माना।

 

सन 2007 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।

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इंदिरा नूई पर्सनल लाइफ

 

इंद्रा नूई, राज कुमार नूई से विवाहित हैं। नूई दंपत्ति की दो बेटियां है, जो ग्रीनविच कनेक्टिकट में रहती हैं। उनकी एक बेटी एक वर्तमान में येल विश्विद्यालय से प्रबंधन की पढ़ाई कर रही हैं। 

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