करियर डेस्क. विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) बॉक्स ऑफिस में धमाल मचा रही है। इसी बीच मध्यप्रेदश के एक IAS अधिकारी नियाज खान (Niyaz Khan) ने फिल्म को लेकर कमेंट किया है। जिसके बाद वो इन दिनों सुर्खियों में हैं। नियाज खान ने कहा था कि कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को भी दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। ये पहला मौका नहीं है जब नियाज खान सुर्खियों में रहे हैं। वो अपने बयान या ट्वीट के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। नियाज खान 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं। वो वर्तमान में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग में उपसचिव के पद पर हैं। आइए जानते हैं कैसा रहा है इनका सफर और किस तरह के विवादों से रहा है इनका नाता।
सरनेम को लेकर किया था ट्वीट
मॉब लिंचिग की बढ़ती घटनाओं के बीच नियाज खान ने अपने सरनेम को लेकर केंट किया था। उन्होंने कहा था कि मेरे नाम मे पीछे खान सरनेम लिखे होने के कारण मुझे कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा था कि मैं अपना सरनेम हटाना चाहता हूं।
डॉन के साथ जेल में रहना चाहते थे
नियाज खान ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम पर एक किताब लिखी है। इस किताब को लिखने के लिए उन्होंने कहा था कि वो कुछ दिन अबू सलेम के साथ जेल में रहना चाहते हैं। इसके लिए नियाज खान ने 2017 में अबू सलेम के साथ एक महीना जेल में रहने के लिए सरकार को अर्जी भी दी थी। हालांकि उन्हें सरकार ने इसके लिए अनुमति नहीं दी थी।
इस्लाम की छवि सुधारने की कोशिश
नियाज खान इस्लाम की छवि सुधारने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसके लिए वो कुरान पर रिसर्च कर रहे हैं। हालांकि वो कहते हैं कि वो सभी धर्मों का आधार करते हैं।
जारी होगा कारण बताओ नोटिस
नियाज खान को लेकर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि वो अपनी सीमा को पार कर रहे हैं। उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
कौन हैं नियाज खान
नियाज़ ख़ान मध्य प्रदेश कैडर से 2015 बैच के IAS ऑफ़िसर हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के बाद प्रमोशन मिलने पर वो IAS बने हैं। वह मूलरूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। नियाज खान कई किताबें भी लिख चुके हैं।