फूड डेस्क : दुनिया भर में चावल (Rice) की तरह-तरह की किस्में में पाई जाती हैं। जिसमें ब्राउन राइस से लेकर व्हाइट राइस और रेड राइस के बारे में भी आप सभी लोगों ने सुना होगा। लेकिन हम आपको बताते हैं ब्लैक राइस (black rice) के बारे में। जी हां, काले रंग का यह चावल भारत में कई जगह उगाया जाता है, जो अपने रंग के साथ ही अपने हेल्थ बेनेफिट्स के लिए काफी पसंद किया जाता है। रिपोर्ट्स की माने तो दुनिया में सबसे पहला काला चावल चीन में उगाया गया था। लेकिन अब भारत में इसकी खेती की जाती है। आइए आज आपको ब्लैक राइस और इसकी खासियत के बारे में...
आपने चावल की कई सारी वैरायटी खाई होगी। लेकिन क्या कभी आपने काले चावल खाएं है? बता दें कि भारत में उगने वाले इन काले चावलों की बहुत डिमांड है। यह सफेद और भूरे चावल की तुलना में ज्यादा पौष्टिक होता है।
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सबसे बड़ी बात की ब्लैक राइस शुगर फ्री होता है। यानी डायबिटीज के मरीज भी इस चावल को जी खोलकर खा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। इन चावलों का गहरा रंग इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों के कारण ही होता है।
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इस विशेष चावल में एंटीऑक्सिडेंट के अलावा विटामिन ई, फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि सफेद और ब्राउन राइस में ये कम मात्रा में पाया जाता है।
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ब्लैक राइस के फायदों की बात की जाए, तो इस राइस के सेवन से मोटापा कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा ये हार्ट हेल्थ, पाचन और यह लिवर में मौजूद नुकसानदायक पदार्थों को निकालकर डिटॉक्स करता है।
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काला चावल हमारी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। इसमें मौजूद विशेष एंटी ऑक्सीडेंट तत्व हमारी त्वचा व आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। साथ ही काले चावल में एंथोसायनिन नामक एंटी ऑक्सीडेंट पाय जाता है जो कार्डियोवेस्कुलर और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक है।
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बताया जाता है कि, काले चावल की खेती चीन के एक छोटे-से हिस्से में शुरू हुई थी। उस समय काले चावल का सेवन सिर्फ बड़े-बड़े महलों में रहने वाले लोग ही करते थे। हालांकि, अब इसे आम आदमी भी खरीदकर खा सकते हैं। भारत में उत्तर प्रदेश के चंदौली और मणिपुर में इसकी खेती होती है।
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मणिपुर में मिलने वाले इस विशेष काले चावल की कीमत 1800 रुपये प्रति किलो के आसपास है, लेकिन इसलिए इसके गुणों को देखकर 1800 रुपये किलो का दाम भी सस्ता लगने लगता है। वैसे काले चावल की दूसरी वैराइटी आपको 250-350 प्रतिकिलो के हिसाब से भी मिलती है। भारत के काले चावलों की डिमांड ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कई जगहों पर है। आप इन चावलों को ऑनलाइन खरीद सकते हैं।
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आजकल कई लोग ग्लूटेन फ्री खाना पसंद करते हैं। जिन लोगों को सीलिएक नामक बीमारी होती है, उन्हें ग्लूटेन नामक प्रोटीन से बचना होता है क्योंकि यह उनकी आंत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में अगर आप सीलिएक रोग से पीड़ित हैं तो आप ब्लैक राइस खा सकते हैं, क्योंकि ये एक ग्लूटेन फ्री खाद्य पदार्थ है।
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