उज्जैन. हिंदू धर्म में तंत्र-मंत्र और यंत्र का विशेष महत्व है। इन सभी का उपयोग किसी विशेष कार्य की सिद्धि और देवताओं की कृपा पाने के लिए किया जाता है। यंत्र को साक्षात ईश्वर का स्वरूप माना जाता है। इन यंत्रों की पूजा और स्थापना अगर शुभ दिन की जाए तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि धनतेरस (Dhanteras 2021) और दीपावली (Diwali 2021) पर सिद्ध किया गया कोई भी यंत्र बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करता है। आज हम आपको ऐसे ही 5 यंत्रों के बारे में बता रहे हैं। ये सभी यंत्र धन लाभ व अचल संपत्ति (मकान, जायदाद) देने वाले हैं। इन यंत्रों की जानकारी इस प्रकार है…
बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। सोना इनकी प्रतिनिधि धातु है। धनतेरस या दीपावली पर बृहस्पति यंत्र की स्थापना अपने मंदिर में करें और रोज इसकी पूजा करें। इससे गुरु ग्रह के दोष तो दूर होंगे ही साथ ही धन प्राप्ति के योग भी बनेंगे। इस यंत्र की पूजा से सोने से लाभ के योग बनते हैं।
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किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा की जाती है। उसी प्रकार यंत्रों में भी सबसे पहले गणेश यंत्र का स्थान है। घर के मंदिर में इसकी स्थापना कर रोज पूजा करने से सभी तरह की परेशानियां दूर हो सकती हैं, साथ ही साथ पैसों का आवक भी होने लगती है। प्रतिदिन इस यंत्र के सामने श्रीगणेशाय नम: का पाठ करने से हर काम में सफलता मिलने के योग बनते हैं।
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श्रीकनकधारा धन प्राप्ति व दरिद्रता दूर करने के लिए अचूक यंत्र है। इसकी पूजा से हर मनचाहा काम हो जाता है। यह यंत्र अष्टसिद्धि व नवनिधियों को देने वाला है। इसका पूजन व स्थापना भी धनतेरस या दीपावली पर करनी चाहिए करें। कनक सोने का ही एक नाम है। मान्यता है कि इस यंत्र की सिद्धि करने से व्यक्ति कुबेर के समान धनवान बन सकता है।
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धन लाभ चाहने वाले लोगों के लिए कुबेर यंत्र अत्यन्त सफलतादायक है। बिल्व-वृक्ष के नीचे बैठकर इस यंत्र को सामने रखकर कुबेर मंत्र को शुद्धता पूर्वक जाप करने से यंत्र सिद्ध होता है तथा यंत्र सिद्ध होने के पश्चात इसे गल्ले या तिजोरी में स्थापित किया जाता है। इसके स्थापना के पश्चात् दरिद्रता का नाश होकर, प्रचुर धन व यश की प्राप्ति होती है।
मंत्र
ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन्य धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि में देहित दापय स्वाहा
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महालक्ष्मी यंत्र का पूजन कर विधि-विधान पूर्वक इसकी स्थापना करें। यह यंत्र धन वृद्धि के लिए अधिक उपयोगी माना गया है। कम समय में ज्यादा धन वृद्धि के लिए यह यंत्र अत्यन्त उपयोगी है। इस यंत्र का प्रयोग दरिद्रता का नाश करता है। यह स्वर्ण वर्षा करने वाला यंत्र कहा गया है। इसकी कृपा से गरीब व्यक्ति भी एकाएक अमीर बन सकता है।
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धनतेरस या दीपावली पर श्रीमंगल यंत्र का पूजन कर स्थापना करें। इस यंत्र के नियमित पूजन से शीघ्र ही सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति मिल जाती है। मंगल भूमि कारक ग्रह है। अत: जो इस यंत्र को पूजता है वह अचल संपत्ति यानी फ्लैट, प्लॉट, जमीन और मकान का मालिक होता है। इस यंत्र की पूजा से और भी कई फायदे होते हैं।
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यंत्र शास्त्र में श्रीयंत्र की विशेष महिमा बताई गई है। इसे यंत्रराज की उपाधि दी गई है। इस यंत्र को धन वृद्धि, धन प्राप्ति, कर्ज से संबंधित धन पाने के लिए, लोन इत्यादि प्राप्त होने के लिए तथा लॉटरी आदि द्वारा धन पाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। धनतेरस पर दीपावली पर इसकी स्थापना घर के पूजा कक्ष में करनी चाहिए। इससे धन लाभ के प्रबल योग बनते हैं।
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