Published : Jun 02, 2020, 09:54 AM ISTUpdated : Jun 02, 2020, 10:25 AM IST
मुंबई. पिछले दिनों पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलावा पड़ोसी देश बांग्लादेश में भारी तबाही मचाने वाले 'अम्फान' से लोग उबरे भी नहीं थे कि अब निसर्ग का खतरा सिर पर मंडराने लगा है। इसका असर महाराष्ट्र और गुजरात में अधिक पड़ेगा। इसके लिए दोनों राज्यों की सरकारें हाईअलर्ट पर हैं। बता दें कि भयंकर चक्रवाती तूफान अम्फान ने भारी तबाही मचाई थी। अकेले पश्चिम बंगाल में इससे 13 अरब डॉलर के नुकसान की आशंका जताई गई है। वहीं, बांग्लादेश में 11 अरब टका नुकसान हुआ है। हालांकि यह नुकसान अभी और बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार निसर्ग पश्चिमी छोर पर अरब सागर में बना है। तूफान के असर से गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि यह तूफान 3 जून की शाम या रात उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तट से टकरा सकता है। यानी 4 जून का समय यहां के लिए बेहद खराब साबित हो सकता है। यहां 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस बीच मानसून केरल में दस्तक दे चुका है। उम्मीद है कि देश के बाकी राज्यों में मानसून तय सीमा में प्रवेश करेगा। माना जा रहा है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा।
अम्फान तूफान से फसलों, मकानों, सड़क, पुल, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर सब बर्बाद हो गए। तूफान से करीब 1.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, भारत और बांग्लादेश में 100 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अम्फान पिछले एक दशक में आए चक्रवाती तूफानों में सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुआ था। हालांकि यह अच्छी बात रही कि तूफान से पहले ही करीब 30 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। तूफान के बाद अकेले पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा दल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए हुए हैं। आगे देखें अम्फान तूफान के बाद के बर्बादी के मंजर को दिखाती हैं...
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अम्फान पिछले एक दशक में आए चक्रवाती तूफानों में सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुआ था।
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तूफान से पेड़ उखड़कर ऐसे कारों पर जा गिरे।
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पश्चिम बंगाल में तूफान से पेड़ उखड़कर बस के ऊपर गिर पड़ा।
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यह तस्वीर असम के नगांव स्थित कामपुर की है। अम्फान के कारण लगातार हुई बारिश पुलों और सड़कों को यूं बहाकर ले गई।
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तूफान से हजारों पेड़ जड़ से उखड़ गए। उन्हें हटाने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।
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तूफान से बर्बाद हुए अपने घर को फिर से दुरुस्त करता एक शख्स।
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तूफान से बर्बाद हुए अपने घर के बाहर मायूस खड़ी महिला। यह प्राकृतिक आपदा कइयों की जिंदगी पर काल बनकर टूटी।
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तूफान से खेतों में ऐसा पानी भरा कि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
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पश्चिम बंगाल के जरखाली में तूफान से भरे पानी की निकासी का प्रबंध करती रेस्क्यू टीम।
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समुद्र के खारे पानी से मीठे तालाब की मछलियां ऐस मर गई थीं।
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अम्फान ने लोगों के घर ऐसे उजाड़ दिए थे।
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खेतों में पानी भरने से लोगों की फसलें बर्बाद हो गई थीं।
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लोगों का अनाज पूरी तरह बर्बाद हो गया था।
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अम्फान ने पश्चिम बंगाल में इस तरह तबाही मचाई थी।
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अम्फान की तबाही के बाद की स्थिति।
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अम्फान कितना भयंकर था, यह तस्वीर उसकी गवाही देती है।
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यह तस्वीर अम्फान के बाद बांग्लादेश की है। आगे देखिए इससे पहले आए कुछ और तूफानों की तस्वीरें..
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पश्चिम बंगाल में पिछले साल आए तूफान ने ऐसे पेड़ उखाड़ दिए थे।
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यह तस्वीर अक्टूबर, 2018 को ओडिशा में आए तूफान के दौरान की हैं। यहां 180 किमी की रफ्तार से हवाएं चली थीं।
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यह तस्वीर 11 नवंबर, 1971 को तूफान के दर्द को दिखाता है। इसका असर उड़ीसा, बांग्लादेश पर पड़ा था।
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यह तस्वीर 11 नवंबर, 1971 को आए तूफान की है। इसका असर उड़ीसा, बांग्लादेश पर पड़ा था।
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