Published : Jun 29, 2022, 11:20 AM ISTUpdated : Jun 29, 2022, 11:21 AM IST
गुवाहाटी. असम में बाढ़ की स्थिति(flood situation in Assam) फिर से खराब हो गई। इसमें पांच और लोगों की जान चली गई। बाढ़ से करीब 24.92 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी(ASDMA) के अधिकारियों ने बताया कि कछार जिले के सिलचर के अधिकांश हिस्से में एक सप्ताह से अधिक समय से पानी भरा हुआ है। कछार में तीन और मोरीगांव और धुबरी में एक-एक लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इन मौतों के साथ इस साल बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 139 हो गई है। राज्य के 28 जिलों में 24.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालांकि इससे पहले सोमवार को 22 जिलों में 21.52 लाख लोग पीड़ित थे। उस समय ब्रह्मपुत्र, बेकी, कोपिली, बराक और कुशियारा खतरे के निशान से ऊपर बह रहे थे, जबकि अधिकांश अन्य नदियों में पानी घट रहा था।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कमर तक पानी में घूमे
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गंभीर रूप से प्रभावित जिलों बजली और बारपेटा का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। बजली में उन्होंने दो राहत शिविरों का दौरा करने के अलावा, पटाचरकुची के कुरुवा में एक टूटे हुए तटबंध और भबनीपुर के चरालपारा नयापारा में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया।पहुमारा नदी के तटबंध को मजबूत करने और उस पर सड़क निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की। सबसे ज्यादा प्रभावित बारपेटा जिले में, सरमा ने तीन राहत शिविरों का दौरा किया और लोगों को आश्वासन दिया कि हरिजन नदी को खोदने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सिलचर में पर्यटन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों का रिव्यू किया। असम मिशन के निदेशक एमएस लक्ष्मी प्रिया के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की एक टीम ने भी प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल फेसिलिटी के लिए शहर का दौरा किया। एनएचएम ने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है और विभिन्न राहत केंद्रों में बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर शुरू किए गए हैं। करीब 7,212 लोगों की जांच की गई। जो बहुत बीमार पाए गए उन्हें अस्पताल भेजा गया। यह तस्वीर 28 जून को पोस्ट की गई, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बजली जिले में बाढ़ राहत शिविर में प्रभावित लोगों के साथ बातचीत की। वे कमर-कमर तक पानी में घूमे।
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यह है असम का इस समय हाल...
कछार की डिप्टी कमिश्नर कीर्ति जल्ली ने कहा कि लोगों के बीच पानी के पाउच और पानी को साफ करने वाली गोलियां बांटी जा रही हैं। बेथुकांडी में क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत का काम चल रहा है, जिससे शहर में बाढ़ आ गई। एएसडीएमए के अनुसार, राज्य भर में 72 राजस्व मंडलों के कुल 2,389 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि 1,76,201 लोगों ने 555 राहत शिविरों में पहुंचे हैं। बाढ़ के पानी ने 155 सड़कों और पांच पुलों को डैमेज कर दिया है, जबकि सात तटबंध टूट गए हैं। इनमें 5 हैलाकांडी और 2 बिश्वनाथ में हैं। 85,673.62 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी जलमग्न है और 4,304 जानवर बह गए हैं। चिरांग, डिब्रूगढ़ और हैलाकांडी जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव की जानकारी मिली थी। करीमगंज और लखीमपुर से दो भूस्खलन की सूचना मिली थी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। यह तस्वीर 26 जून की है, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सिलचर में बाढ़ के बाद हुए नुकसान का आकलन करने स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे थे।
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यह तस्वीर 21 जून की है, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा नलबाड़ी जिले में एक रिलीफ कैम्प पहुंचे थे।
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यह तस्वीर 26 जून की है, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कामरूप जिले के हाजो में बारालिया नदी के समुख तटबंध के टूटने के बाद हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे।
यह तस्वीर 18 जून को पोस्ट की गई। असम राज्य के गोलपारा जिले के एक गांव में बाढ़ के पानी से सड़क का एक हिस्सा बह जाने के बाद ग्रामीणों ने एक अस्थायी बांस का पुल बनाया था।