Published : Oct 20, 2021, 09:31 AM ISTUpdated : Oct 20, 2021, 09:59 AM IST
उत्तराखंड में बीते 48 घंटे से बादल काल बनकर बरस रहे हैं। अब तक 47 लोगों की मौत हो गई है। कई लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। बारिश और बाढ़ में फंसे लोगों के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मंगलवार से आर्मी का मूवमेंट लगातार तेज है। फिलहाल, सरकार की तरफ से मृतकों के परिजन को चार-चार लाख की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है। अब तक नैनीताल जिले में 29 की जान गई, अल्मोड़ा में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत छह मर गए। कई लोगों के लापता होने की आशंका हैं। पूरे राज्य में नदियां उफान पर हैं। चंपावत जिले में चार लोगों की मौत हो गई। तस्वीरों में देखिए उत्तराखंड के हालत...
रेलवे ट्रैक बारिश में बह गए
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण एक फिर तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। नैनी झील ओवरफ्लो हो गई है। इसका पानी सड़कों तक पहुंच गया है। कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक उखड़ गए हैं। कई जगहों पर ट्रैक बारिश में बह गया। नैनीताल जिले में आपदा प्रबंधन विभाग ने 25 लोगों की मौत और सात लोगों के लापता होने की पुष्टि की है।
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कहां- कितनी मौतें
हरिद्वार में गंगा स्नान घाट लगातार पानी में डूब रहे हैं। कुमाऊं क्षेत्र में 42 और लोगों की मौत के साथ ही आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 47 हो गई है जिसमें पांच लोगों की मौत सोमवार को हुई थी। डीआईजी निलेश आनंद भारने ने बताया- कुमाऊं क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 40 से अधिक हो गई है। अधिकारी ने बताया कि इन 42 मौतों में से 28 लोग नैनीताल जिले में मारे गए, अल्मोड़ा एवं चंपावत जिलों में छह-छह लोगों की मौत हो गयी है, तथा एक-एक व्यक्ति की मौत पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिले में हुई है।
दफन होने से और नदियों में बहने से हुई मौतें
अल्मोड़ा में छह लोगों की मलबे में दबने से मौत हुई है। जबकि, चंपावत में पांच और पिथौरागढ़-बागेश्वर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। बाजपुर में तेज बहाव में बहने से एक किसान की मौत हो गई। उधर, बारिश का पानी घर में घुसने से फैले करंट से किच्छा में यूपी के देवरिया के विधायक कमलेश शुक्ला के घर में करंट फैलने से बहू की मौत हो गई। नैनीताल के ओखलकांडा में छह लोग और हल्द्वानी में मंगलवार देर शाम गौला नदी में बहने से एक युवक लापता हैं।
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कहां कितनी बारिश
इस बीच, एसईओसी ने कहा कि राज्य की अधिकतर नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 293.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 294 मीटर से मामूली नीचे है। एसईओसी ने बताया कि नैनीताल में 90 मिलीमीटर, हल्द्ववानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216.6 मिमी, द्वाराहाट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई।
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पीएम ने लोगों के मौत पर क्या कहा..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण लोगों की मौत होने पर मंगलवार को दुख जताया और कहा कि प्रभावित लोगों का सहयोग करने के लिए बचाव कार्य जारी है। मोदी ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड के कई हिस्से में भारी बारिश के कारण लोगों के मरने की खबरों से मैं दुखी हूं। घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। बचाव कार्य जारी हैं ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। मैं हर किसी की सुरक्षा और कल्याण के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।
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मुख्यमंत्री ने ये आश्वासन दिया..
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की वजह से जान गंवाने वालों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। दून में धामी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी डीएम से अपडेट लेते हुए अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से तीन हेलीकॉप्टर दिए हैं। उत्तराखंड: उफनती नदियां, टूटते मकान और बहते पुल, कुदरत की तबाही के डरावने Video
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प्रदेश में दो दिनों की बारिश से आपदा में मृतकों की कुल संख्या 48 पहुंच गई है। गढ़वाल में मौसम साफ होने से बंद मार्गों को खोलकर चारधाम यात्रियों और अन्य फंसे लोगों को निकालने का काम दिन भर चलता रहा।
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कुमाऊं में 89 सड़कें बंद हो गईं
नैनीताल जिले में 15, पिथौरागढ़ जिले में 28, चंपावत में 14, अल्मोड़ा में 22, बागेश्वर में 10 सड़कें बंद हैं।
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कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर पर खतरा बढ़ गया। मंदिर की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया। इधर, बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। कोसी बैराज पर कोसी नदी का जलस्तर 139000 क्यूसेक है। जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। कोसी बैराज में खतरे का निशान 80000 क्यूसेक है।
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केदारनाथ में बारिश के साथ ऊपरी पहाड़ियों पर बर्फबारी हो रही है। वहीं, यमुनोत्रीधाम समेत यमुना घाटी की पहाडियां कोहरे से ढकी गई हैं। देहरादून समेत पहाड़ों की रानी मसूरी मे चटक धूप खिली है।
गोला नदी के तेज बहाव के कारण हुए काठगोदाम में रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बाद उत्तराखंड आने वाली कई ट्रेनें निरस्त की गई हैं। जबकि कई ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के मुख्य स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इनमें काठगोदाम- 9368702980, हल्द्वानी - 9368702979, रुद्रपुर - 9368702984 और लाल कुआं - 9368702978 पर संपर्क किया जा सकता है।
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हरिद्वार में खतरे के निशान पर गंगा
पहाड़ों की बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। सुबह साढ़े आठ बजे से पानी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद से प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
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बैराज के खतरे का निशान 294 मीटर पर है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से बताया गया कि रात 12:00 बजे के बाद टिहरी बांध और श्रीगंगानगर से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।
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ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। त्रिवेणी घाट के आरती स्थल समेत विभिन्न गंगा घाट जलमग्न हो गए हैं। तटीय क्षेत्र के लोगों को आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया जा रहा है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 340.30 मीटर पर पहुंच गया है।
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