Published : Oct 12, 2021, 12:03 PM ISTUpdated : Oct 12, 2021, 12:15 PM IST
जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुंछ (Poonch) जिले में आतंकियों (Terrorists) के हमले में पांच जवान शहीद हो गए। इनमें तीन जवान पंजाब के रहने वाले थे। इनमें गज्जन सिंह भी शामिल थे। वे आतंकियों को ढेर करने के लिए एनकाउंटर में मोर्चा संभाल रहे थे, इसी दौरान शहीद हो गए। गज्जन रूपनगर जिले के पचरंदा गांव के रहने वाले थे और 4 महीने पहले ही शादी हुई थी। उनके परिवार में पत्नी हरप्रीत कौर हैं। आईए जानते हैं शहीद जवान गुज्जन सिंह की निजी जिंदगी के बारे में...
4 महीने पहले ही शादी हुई, कल घर आने वाले थे
गज्जन सिंह पंजाब के रुपनगर में परचंदा गांव के रहने वाले थे। अभी 4 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनकी पत्नी का नाम हरप्रीत कौर है। गज्जन कल यानी 13 अक्टूबर को वह 10 दिनों की छुट्टी पर अपने गांव आने वाले थे, लेकिन अफसोस कि अब उनके घरवालों का यह इंतजार कभी खत्म नहीं हो पाएगा।
शादी में किसानी झंडा लेकर गए थे गज्जन
गांव वाले बताते हैं कि जब गज्जन की शादी हुई थी तो वे अपनी बारात में किसानी झंडा लेकर गए थे। शादी के बाद दुल्हन हरप्रीत कौर को ट्रैक्टर पर बैठाकर विदाई करवाई थी। इसी से दोनों घर पहुंचे थे। गज्जन अपने 4 भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके तीनों बड़े भाई खेती किसानी का काम करते हैं। गज्जन का पार्थिव शरीर आज घर उनके ग्रह ग्राम परचंदा पहुंचेगा।
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पिता बोले- उसके घर आने का इंतजार कर रहा था...
शहीद गज्जन की मां को अभी शहादत के बारे में बताया नहीं गया है, क्योंकि वह बीमार रहती हैं। पिता चरण सिंह की बेटे को याद कर आंखें नम हो जाती हैं। वे कहते हैं कि बेटे ने शहादत दी है। अभी कुछ दिन पहले ही तो उसकी शादी हुई थी। बड़ा खुश था। उसने घर आने के बारे में बताया था। सभी लोग उसके घर आने का इंतजार कर रहे थे। अब वो कल कभी नहीं आ पाएगा।
पत्नी घर आने का इंतजार कर रही थीं
घटना के बाद अब तक मां को खबर नहीं दी गई। परिजन का बुरा हाल है। पत्नी को पति गज्जन सिंह के 13 अक्टूबर को घर आने का बेसब्री से इंतजार था। वो ससुराल में पति के आने को लेकर बहुत खुश थी। मगर, सोमवार शाम को आई खबर ने घर में दुखों का पहाड़ गिरा दिया। शहीद होने वालों में एक जूनियर कमिशंन्ड ऑफिसर (जेसीओ) भी शामिल हैं।
पंजाब के तीन जवान शहीद हुए
शहीद होने वालों में पंजाब के कपूरथला जिला के माना तलवंडी निवासी सूबेदार जसविंदर सिंह, बटाला जिले के चट्ठा निवासी मनदीप सिंह भी शामिल हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नायब सूबेदार जसविंदर सिंह, मनदीप सिंह और सिपाही गज्जन सिंह के शोक संतप्त परिवार को 50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
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