नई दिल्ली. अंतरिक्ष में ऐसे कई रहस्य है, जिनसे इंसान अनजान है। यहां कई ग्रह और तारे हैं। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि कोई एस्टेरॉयड (Asteroid) दूसरे ग्रह के बगल से गुजरता है। इस साल दिसंबर में ऐसी ही एक घटना होने वाली है। नासा (Nasa) के मुताबिक, एफिल टॉवर (Eiffel Tower) के आकार का एक एस्टेरॉयड (Asteroid)दिसंबर में पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (Space Agency) नासा ने कहा है कि एस्टेरॉयड 11 दिसंबर को पृथ्वी के 2.4 मीटर मील के दायरे में ही गुजरेगा। साल 2060 में दुनिया के सबसे नजदीक से गुजरेगा एस्टेरॉयड...
फुटबॉल पिच से 3 गुना बड़ा होगा
11 दिसंबर को जो एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरेगा उसका नाम 4660 नेरियस (4660 Nereus) है। एक अंदाजे के मुताबिक, ये फुटबॉल पिच से तीन गुना बड़ा होगा। हालांकि इससे किसी भी तरह के खतरे का अंदेशा नहीं है। हालांकि आने वाले दशकों में 12 और एस्टेरॉयड पृथ्वी से गुजरेंगे।
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2060 में दुनिया को सबसे ज्यादा खतरा
वैज्ञानिकों की माने तो 14 फरवरी 2060 को पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक से एक एस्टेरॉयड गुजरेगा। पहली बार 1982 में वैज्ञानिकों ने एस्टेरॉयड की खोज की थी। अभी एस्टेरॉयड का पता लगाने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है। हालांकि इसपर विचार किया जा रहा है।
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संयुक्त अरब अमीरात ने मारी बाजी
पिछले महीने संयुक्त अरब अमीरात ने एस्टेरॉयड का पता लगाने के लिए एक मिशन की घोषणा की। ऐसा करने वाला ये पहला अरब देश बन गया। उनका मिशन 2028 में शुरू होने वाला है। इसमें सात एस्टेरॉयड के साथ-साथ शुक्र की खोज भी शामिल है। ये मिशन साल 2033 में खत्म होगा।
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एस्टेरॉयड का टूटना खतरनाक है?
एस्टेरॉयड को हिंदी में उल्कापिंड या क्षुद्रग्रह कहते हैं। किसी ग्रह या तारे के टूटे हुए टुकड़े को क्षुद्रग्रह या एस्टेरॉयड कहते हैं। बड़े एस्टेरॉयड का पृथ्वी के करीब से गुजरना असामान्य नहीं है। मार्च में गोल्डन गेट ब्रिज के आकार की एक चट्टान पृथ्वी के 1.25 मीटर मील के दायरे में आ गई। हालांकि इससे कुछ भी खतरा नहीं हुआ।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, सौर मंडल में करीब 20 लाख एस्ट्रेरॉयड घूम रहे हैं। अभी नासा के पास पृथ्वी के आसपास 140 मीटर या उससे बड़े करीब 90 प्रतिशत क्षुद्रग्रह को ट्रैक करने की क्षमता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एस्टेरॉयड का टूटना एक सामान्य घटना है। लेकिन कई बार पृथ्वी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
नोट- इस खबर में इस्तेमाल की गईं तस्वीरें सांकेतिक हैं।